राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 6 से 8 अक्टूबर तक चला हिमाचल प्रदेश दौरा संपन्न हो गया। राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने इसे प्रदेश के लिए गर्व और सम्मान का विषय बताया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का तीन दिवसीय हिमाचल प्रदेश दौरा राज्य के लोगों के लिए गर्व, सम्मान और उत्साह का अवसर रहा। 6 से 8 अक्टूबर तक चले इस दौरे ने राष्ट्रपति और हिमाचल प्रदेश की जनता के बीच आत्मीय संबंधों को और मजबूत किया है। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने गुरुवार को यह बात कही। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति, लोगों के साथ उनका सहज व्यवहार और विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान उनकी आत्मीय बातचीत ने इस यात्रा को विशेष बना दिया। राज्यपाल के मुताबिक, राष्ट्रपति का यह दौरा प्रदेश के लोगों के मन में लंबे समय तक यादगार बना रहेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने दौरे के दौरान राज्य के अलग-अलग स्थानों पर पहुंचीं और शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति तथा सामरिक महत्व से जुड़े विषयों को प्रमुखता मिली। इस यात्रा का मुख्य आकर्षण अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), बिलासपुर का पहला दीक्षांत समारोह रहा, जिसमें राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इसके अलावा उन्होंने मनाली स्थित प्रसिद्ध हिडिंबा मंदिर में दर्शन किए और रोहतांग में अटल सुरंग का भी दौरा किया। इन कार्यक्रमों के जरिए हिमाचल प्रदेश की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विरासत और देश के लिए उसके सामरिक महत्व को भी रेखांकित किया गया।
एम्स बिलासपुर के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने दिया सेवा का संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हिमाचल प्रदेश दौरे का एक महत्वपूर्ण पड़ाव एम्स बिलासपुर का पहला दीक्षांत समारोह था। इस कार्यक्रम में उन्होंने मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया और चिकित्सा शिक्षा पूरी करने वाले विद्यार्थियों को संबोधित किया। राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने राष्ट्रपति के संबोधन की सराहना करते हुए कहा कि मानवता की सेवा और समाज के प्रत्येक वर्ग तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने पर उनका जोर बेहद प्रेरणादायक रहा। उन्होंने विशेष रूप से उन लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता का उल्लेख किया, जो दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहते हैं। हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण विषय है, क्योंकि कई गांव भौगोलिक परिस्थितियों के कारण बड़े अस्पतालों और चिकित्सा केंद्रों से दूर हैं। ऐसे क्षेत्रों में समय पर इलाज, विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना बड़ी चुनौती हो सकती है। राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रपति का संदेश युवा चिकित्सा पेशेवरों को अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज की सेवा के लिए करने की प्रेरणा देगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि चिकित्सा क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने वाले विद्यार्थी केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक बेहतर इलाज पहुंचाने में भी योगदान देंगे। राष्ट्रपति के संबोधन का यह संदेश स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और जनकल्याणकारी बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अटल सुरंग के दौरे से सामने आया हिमाचल का सामरिक महत्व
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने हिमाचल दौरे के दौरान रोहतांग स्थित अटल सुरंग का भी दौरा किया। राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि इस यात्रा ने हिमाचल प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी और राज्य के सामरिक महत्व को रेखांकित किया। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क संपर्क मजबूत होना विकास की दृष्टि से बेहद अहम है। बेहतर संपर्क व्यवस्था से स्थानीय लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंचने में मदद मिलती है। इसके साथ ही पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों का दूसरे हिस्सों से संपर्क आसान होता है। अटल सुरंग को हिमाचल प्रदेश के परिवहन संपर्क और रणनीतिक बुनियादी ढांचे के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजनाओं में गिना जाता है। राष्ट्रपति का यहां पहुंचना राज्य में विकसित हो रही कनेक्टिविटी और देश की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों की ओर भी ध्यान आकर्षित करता है। हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक स्थिति इसे सामरिक दृष्टि से विशेष बनाती है। ऐसे में सड़क और सुरंग जैसी आधारभूत संरचनाएं न केवल आम नागरिकों के लिए उपयोगी हैं, बल्कि दुर्गम इलाकों तक पहुंच बेहतर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। राज्यपाल ने राष्ट्रपति के दौरे को इन उपलब्धियों और संभावनाओं को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया।
हिडिंबा मंदिर में दर्शन से सामने आई हिमाचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत
राष्ट्रपति मुर्मू ने मनाली स्थित प्रसिद्ध हिडिंबा मंदिर में भी दर्शन किए। यह मंदिर हिमाचल प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रपति का मंदिर दौरा प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। हिमाचल प्रदेश अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ प्राचीन मंदिरों, धार्मिक परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए भी जाना जाता है। मनाली का हिडिंबा मंदिर देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। राष्ट्रपति की यात्रा ने इस धार्मिक स्थल की महत्ता को भी विशेष पहचान दी। हिमाचल प्रदेश में धार्मिक पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों से भी जुड़ा हुआ है। मंदिरों और अन्य सांस्कृतिक स्थलों पर आने वाले पर्यटकों से स्थानीय कारोबार, परिवहन तथा आतिथ्य सेवाओं को बढ़ावा मिलता है। ऐसे में राष्ट्रपति का हिडिंबा मंदिर पहुंचना राज्य की परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान के प्रति सम्मान का प्रतीक भी रहा।
राज्यपाल ने राष्ट्रपति के प्रति जताया आभार, दौरे को बताया यादगार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के तीन दिवसीय दौरे के समापन पर राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने उन्हें विदाई दी। अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति को मनाली में स्नो एंड एवलांच स्टडी एस्टैब्लिशमेंट (एसएएसई) के हेलीपैड से विदा किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रपति की हिमाचल प्रदेश में उपस्थिति राज्य के लोगों के लिए अपार गौरव और सम्मान का विषय रही। उन्होंने राष्ट्रपति के सहज व्यवहार, आत्मीयता और लोगों के साथ संवाद को इस यात्रा की विशेष उपलब्धियों में शामिल बताया। राज्यपाल ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति का दौरा देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद और हिमाचल प्रदेश की जनता के बीच गहरे तथा आत्मीय संबंधों को दर्शाता है। इस यात्रा के दौरान शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संदेश, बेहतर कनेक्टिविटी का महत्व और राज्य की आध्यात्मिक विरासत जैसे अलग-अलग पहलू सामने आए। कुल मिलाकर, राष्ट्रपति मुर्मू का हिमाचल प्रदेश दौरा केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने जनसेवा, सामाजिक जिम्मेदारी, विकास और सांस्कृतिक गौरव के महत्व को भी उजागर किया। राज्यपाल के अनुसार, राष्ट्रपति की यह यात्रा प्रदेशवासियों के लिए गर्व का अवसर रही और इसकी यादें लंबे समय तक लोगों के साथ बनी रहेंगी।