नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक औपचारिक समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को चार देशों के नवनियुक्त राजदूतों के परिचय पत्र (Credentials) स्वीकार किए। यह कार्यक्रम भारत में विदेशी राजनयिकों की आधिकारिक मान्यता का प्रतीक है।
किन देशों के राजदूतों ने प्रस्तुत किए परिचय पत्र
इस अवसर पर लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक के राजदूत विथया ज़ायावोंग, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो की राजदूत एमिली अयाज़ा मुशोबेकवा, रिपब्लिक ऑफ नामीबिया के उच्चायुक्त विंग कमांडर एलेक्स लुन्याज़ो टुकुहुपवेले (सेवानिवृत्त) और रिपब्लिक ऑफ गिनी-बिसाऊ के राजदूत एंटोनियो सेरिफो एम्बालो ने राष्ट्रपति को अपने परिचय पत्र सौंपे।
राजनयिक संबंधों की औपचारिक मान्यता
राष्ट्रपति भवन में आयोजित यह समारोह भारत में कार्यरत विदेशी राजनयिकों की औपचारिक मान्यता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलती है।
President Droupadi Murmu received credentials from Mrs Vithaya Xayavong, Ambassador of the Lao People’s Democratic Republic; Mrs Emilie Ayaza Mushobekwa, Ambassador of the Democratic Republic of the Congo; Wing Commander Alex Lunyazo Tukuhupwele (Retd.), High Commissioner of the… pic.twitter.com/2JvmLEXOVw
— President of India (@rashtrapatibhvn) April 23, 2026
भारत-कोरिया संबंधों पर भी चर्चा
हाल ही में राष्ट्रपति मुर्मू ने कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति ली जे म्युंग का राष्ट्रपति भवन में स्वागत किया था और उनके सम्मान में भोज का आयोजन किया गया था। इस दौरान दोनों देशों के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों पर भी चर्चा हुई।
भारत-कोरिया सहयोग को नई दिशा
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और कोरिया लोकतांत्रिक मूल्यों को साझा करते हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग पोत निर्माण, डिजिटल तकनीक, शिक्षा, इस्पात, अनुसंधान और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहा है।
आर्थिक और तकनीकी साझेदारी पर जोर
दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर बातचीत फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है। भारत और कोरिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।