पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर डॉ. बलबीर सिंह ने मोदी सरकार को घेरा। रूस-ईरान से सस्ते तेल की खरीद न करने पर उठाए सवाल।
चंडीगढ़: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही रिकॉर्ड वृद्धि ने आम आदमी के मासिक बजट को पूरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है। पिछले 10 से 15 दिनों के भीतर ईंधन के दामों में लगभग 8 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस गंभीर स्थिति पर पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर कड़ा प्रहार किया है और सरकार से जनता को जवाब देने की मांग की है।
“जनहित को दरकिनार कर निजी स्वार्थ को प्राथमिकता”: डॉ. बलबीर सिंह का केंद्र पर हमला
डॉ. बलबीर सिंह ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार से तीखे सवाल किए हैं। उन्होंने कहा, “जब रूस और ईरान जैसे देश भारत को उनकी आवश्यकता के अनुसार सस्ती दरों पर तेल और गैस की आपूर्ति करने के लिए तैयार हैं, तो फिर मोदी सरकार इस अवसर का लाभ उठाने से पीछे क्यों हट रही है?”
डॉ. सिंह ने आरोप लगाया कि देश के 140 करोड़ लोग महंगाई की भीषण मार झेल रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार की जिद और गलत नीतियों के कारण आम नागरिकों को भारी आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से स्पष्ट सवाल किया कि उनकी ऐसी क्या ‘मजबूरी’ है, जिसके चलते देश के आम आदमी के हितों के बजाय निजी पसंद और संकीर्ण प्राथमिकताओं को अधिक महत्व दिया जा रहा है? उन्होंने कहा कि यह सरकार की संवेदनहीनता का सबसे बड़ा उदाहरण है।
महंगाई की मार से बेहाल जनता
डॉ. बलबीर सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईंधन की कीमतों में इस निरंतर वृद्धि का सीधा और नकारात्मक असर परिवहन लागत (Logistics Cost) पर पड़ेगा। इससे सब्जी, अनाज और अन्य दैनिक उपभोग की आवश्यक वस्तुओं के दाम भी आसमान छूने लगेंगे, जिससे पहले से ही महंगाई की चक्की में पिस रहे मध्यम और गरीब वर्ग का जीना और भी दुश्वार हो जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि एक तरफ आम परिवार बढ़ती महंगाई से जूझ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार का उदासीन रवैया उनके संघर्ष को और कठिन बना रहा है। डॉ. सिंह के अनुसार, सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए और वैश्विक बाजार से सस्ती दरों पर ऊर्जा संसाधन सुनिश्चित करने चाहिए, ताकि देश की जनता को इस महंगाई से कुछ राहत मिल सके।