दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म ‘सतलुज’ (Satluj) को ZEE5 ने भारत के बाद अब अपनी अंतरराष्ट्रीय लाइब्रेरी से भी हटा दिया है। मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन पर आधारित इस फिल्म पर सेंसरशिप को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
मशहूर पंजाबी ग्लोबल स्टार दिलजीत दोसांझ की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘सतलुज’ (Satluj) को लेकर चल रहा विवाद अब केवल भारत तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गरमा गया है। भारत में ZEE5 प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के कुछ ही दिनों बाद, अब इस फिल्म को प्लेटफॉर्म की अंतरराष्ट्रीय लाइब्रेरी (International Library) से भी पूरी तरह गायब कर दिया गया है। इस औचक फैसले ने विदेशों में रहने वाले दर्शकों और सिनेमा प्रेमियों के बीच चर्चा और बहस की एक नई लहर पैदा कर दी है।
आपको बता दें कि यह फिल्म पहले ‘पंजाब 95’ (Punjab 95) के नाम से जानी जाती थी। सेंसरशिप और सर्टिफिकेशन से जुड़ी करीब चार साल की लंबी देरी और कानूनी अड़चनों के बाद पिछले शुक्रवार को इसे ZEE5 पर रिलीज किया गया था। लेकिन रिलीज के महज 48 घंटों के भीतर ही भारत सरकार के निर्देशों के बाद इसे भारतीय दर्शकों के लिए हटा दिया गया था। हालांकि, तब तक यह अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए उपलब्ध थी, लेकिन अब विदेशी दर्शकों के लिए भी यह विंडो हमेशा के लिए बंद हो गई है।
निर्देशक हनी त्रेहान ने अंतरराष्ट्रीय रिमूवल की पुष्टि की
जब मीडिया (SCREEN) ने फिल्म के निर्देशक हनी त्रेहान से ZEE5 के अंतरराष्ट्रीय कैटलॉग से फिल्म के अचानक गायब होने के बारे में संपर्क किया, तो उन्होंने बेहद संक्षिप्त शब्दों में इस खबर की पुष्टि करते हुए कहा, “हां, इसे हटा दिया गया है।”
इस निष्कासन को सबसे पहले सोशल मीडिया पर सक्रिय यूजर्स ने नोटिस किया। एक्स (सच्चे नाम ट्विटर) पर एक यूजर ने लिखा, “तो अब इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हटा दिया गया है।” वहीं, रेडिट (Reddit) जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म पर भी विदेशी यूजर्स ने चिंता जताते हुए पोस्ट किया कि यह कदम साफ तौर पर यह दर्शाता है कि फिल्म को सेंसर करने और इसे पूरी तरह से दबाने के प्रयास अभी भी लगातार जारी हैं।
प्रतिबंध के बाद फिल्म को लेकर बढ़ी उत्सुकता और पायरेसी का खतरा
दिलचस्प बात यह है कि इस वैश्विक प्रतिबंध ने फिल्म को लेकर दर्शकों के भीतर उत्सुकता को कई गुना बढ़ा दिया है। सोशल मीडिया पर एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि इस बैन ने वास्तव में फिल्म को और अधिक लोकप्रिय बना दिया है, यहाँ तक कि उनके गैर-पंजाबी दोस्तों ने भी इस बड़े विवाद के बाद ही पहली बार इस फिल्म के बारे में सुना।
वहीं, कुछ यूजर्स ने इस बात पर चिंता जताई कि फिल्म के आधिकारिक तौर पर हटने के बाद इंटरनेट पर इसके पायरेटेड वर्जन (Pirated Versions) तेजी से प्रसारित होने लगे हैं। यूजर्स का कहना था कि फिल्म निर्माताओं और कलाकारों ने इस प्रोजेक्ट पर सालों मेहनत की है, इसलिए वे इस फिल्म से व्यावसायिक कमाई के हकदार थे।
आखिर क्यों ZEE5 से हटाई गई फिल्म ‘सतलुज’?
भारत में फिल्म को हटाने के बाद ZEE5 ने एक संक्षिप्त आधिकारिक बयान जारी किया था, जिसमें कहा गया था:
“मौजूदा घटनाक्रमों को ध्यान में रखते हुए, ‘सतलुज’ अगले आदेश तक भारत में उपलब्ध नहीं रहेगी। हम उचित कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से हर संभव रास्ते तलाश रहे हैं ताकि जल्द से जल्द इस फिल्म को अपने दर्शकों के बीच वापस लाया जा सके।”
फिल्म के सह-निर्माता रॉनी स्क्रूवाला की कंपनी ‘आरएसवूपी मूवीज’ (RSVP Movies) के प्रवक्ता ने भी पुष्टि की थी कि सरकार के निर्देश पर इसे हटाया गया है और उन्होंने उम्मीद जताई कि फिल्म जल्द ही वापसी करेगी।
पीटीआई (PTI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक सरकारी अधिकारी ने दावा किया कि यह फिल्म साल 2022 में ‘पंजाब 95’ के नाम से केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पास सबमिट की गई थी, लेकिन फिल्म निर्माता बोर्ड द्वारा सुझाए गए 127 कट्स (कटौती) पर सहमत नहीं हुए। अधिकारी के मुताबिक, बाद में मेकर्स ने बिना सीबीएफसी सर्टिफिकेशन के एक नए टाइटल ‘सतलुज’ के तहत इसे सीधे ओटीटी (OTT) पर रिलीज कर दिया, जिसके बाद सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए ZEE5 को इसे हटाने के लिए कहा गया।