मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र में किसानों से संवाद किया। विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत खेती, नवाचार और MIS योजना पर चर्चा की।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के तहत आज महाराष्ट्र के पुणे जिले के नारायणगांव स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में किसानों से सीधा संवाद किया। यह अभियान 29 मई को ओडिशा से शुरू हुआ था और अब तक यह जम्मू, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार होते हुए महाराष्ट्र पहुंच चुका है।
कृषि को जमीन से जोड़ने की ज़रूरत: शिवराज सिंह चौहान
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब तक कृषि वैज्ञानिक, नीति-निर्माता और किसान खेतों तक नहीं पहुंचते, तब तक खेती का सही विकास नहीं हो सकता। उन्होंने खेतों में जाकर शिमला मिर्च, केला, मूंगफली और टमाटर की फसलों का निरीक्षण किया और किसानों की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से समझा।
जलवायु परिवर्तन को लेकर वैज्ञानिकों को निर्देश
मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बढ़ते तापमान और असमय बारिश से फसलों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंता जताई और वैज्ञानिकों को नई किस्में विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि टमाटर और अंगूर जैसी फसलों की अधिक सेल्फ लाइफ वाली किस्मों पर विशेष ध्यान देना होगा।
नकली कीटनाशकों और उर्वरकों पर सरकार सख्त
मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार नकली कीटनाशकों और उर्वरकों पर लगाम लगाने के लिए कड़े कानून ला रही है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नई MIS योजना: आलू, प्याज, टमाटर उत्पादकों के लिए राहत
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) के तहत आलू, प्याज और टमाटर उत्पादक किसानों के लिए नई योजना की घोषणा की। अगर किसान इन फसलों को उन राज्यों में भेजते हैं जहाँ बेहतर दाम मिलते हैं, तो परिवहन लागत का खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। इससे बाजार मूल्य संतुलन और किसानों को उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाएगा।
डिजिटल और वैज्ञानिक नवाचारों से जुड़ी खेती
मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब तक लैब और लैंड को आपस में नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक संपूर्ण कृषि विकास संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक और किसान मिलकर नवाचारों को अपनाएं ताकि खेती ज्यादा लाभकारी और टिकाऊ बन सके।
राज्यों के लिए क्षेत्रवार रोडमैप तैयार होगा
अंत में मंत्री ने कहा कि ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ की समाप्ति के बाद, राज्यवार और क्षेत्रवार रोडमैप तैयार किया जाएगा, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करेंगी। इस पहल से भारतीय कृषि को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी।
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