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दिल्ली में कूड़े और जलभराव की समस्या को लेकर AAP पार्षदों ने MCD सदन के बाहर नाव और कूड़े के साथ प्रदर्शन किया। अंकुश नारंग ने भाजपा पर निशाना साधते हुए जवाबदेही की मांग की।
दिल्ली में बारिश के बाद जलभराव और जगह-जगह कूड़े के ढेर को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा शासित नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार, 24 अगस्त को AAP के पार्षद अनोखे तरीके से विरोध जताने के लिए नाव लेकर MCD सदन पहुंचे। पार्षदों ने सदन के बाहर नाव और अलग-अलग क्षेत्रों से एकत्र कूड़ा रखकर प्रदर्शन किया। AAP का कहना है कि दिल्ली की सड़कों पर जलभराव और सफाई व्यवस्था की बदहाली ने राजधानी की स्थिति को बेहद खराब कर दिया है।
‘दिल्ली की सड़कें तालाब में तब्दील’
MCD में नेता प्रतिपक्ष और AAP नेता अंकुश नारंग ने भाजपा की ‘चार इंजन’ सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली में सफाई और जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान कई इलाकों में सड़कें पानी से भर जाती हैं, जबकि दूसरी ओर सड़कों और गलियों में कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं। AAP का आरोप है कि लगातार जलभराव के कारण लोगों को ट्रैफिक जाम और आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अंकुश नारंग ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में MCD सदन के बाहर नाव और कूड़े के जरिए विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि दिल्ली को केवल दावों की नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस व्यवस्था की जरूरत है। उनका आरोप है कि भाजपा के नियंत्रण वाली MCD सफाई और जलभराव की समस्या का प्रभावी समाधान करने में विफल रही है।
‘कूड़े से आजादी’ अभियान पर भी सवाल
AAP ने भाजपा के ‘दिल्ली को कूड़े से आजादी’ अभियान पर भी सवाल उठाए। पार्टी नेताओं का कहना है कि अभियान के बावजूद राजधानी के कई हिस्सों में कूड़े के ढेर दिखाई दे रहे हैं। AAP का आरोप है कि सफाई व्यवस्था को लेकर केवल प्रचार किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्थिति अलग है।
अंकुश नारंग इससे पहले भी दिल्ली में कूड़े की समस्या को लेकर MCD पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने अलग-अलग मौकों पर आरोप लगाया है कि कूड़ा उठाने और सफाई व्यवस्था में पर्याप्त संसाधनों की कमी है। AAP ने दावा किया है कि यदि कूड़ा नियमित रूप से नहीं उठाया गया तो मानसून के दौरान गंदगी और जलभराव के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
AAP ने मेयर से मांगा इस्तीफा
MCD सदन के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान AAP पार्षदों ने दिल्ली की सफाई और जलनिकासी व्यवस्था को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की। PTI के मुताबिक, AAP पार्षदों ने MCD की स्थिति के लिए मेयर प्रवेश वाही को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग भी की। पार्टी नेताओं ने कहा कि नगर निगम को बारिश के दौरान जलभराव रोकने और कूड़ा प्रबंधन की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
AAP नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि जब दिल्ली में केंद्र, दिल्ली सरकार और MCD समेत कई स्तरों पर भाजपा का नियंत्रण है, तो फिर राजधानी में जलभराव और कूड़ा प्रबंधन की समस्या क्यों बनी हुई है। पार्टी ने इसे प्रशासनिक जवाबदेही से जोड़ते हुए भाजपा से स्थिति पर जवाब मांगा।
जलभराव को लेकर पहले भी सवाल उठाते रहे हैं अंकुश नारंग
भाजपा की चार इंजन वाली सरकार ने दिल्ली को कूड़े के ढेर और जलभराव की राजधानी बना दिया है।
सड़कों पर गंदगी और बारिश में तालाब बनी सड़कों ने दिल्ली की बदहाल हालत को उजागर कर दिया है।
भाजपा के निकम्मेपन से पैदा इस समस्या के विरोध में AAP पार्षद आज MCD सदन में नाव लेकर पहुंचे। सदन… pic.twitter.com/tWBmNiUFCF
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) August 24, 2026
अंकुश नारंग दिल्ली में जलभराव और नालों की सफाई का मुद्दा पहले भी उठा चुके हैं। जुलाई 2026 में उन्होंने MCD मेयर और कमिश्नर को पत्र लिखकर जलभराव से निपटने के लिए जोनवार नालों की सफाई का डेटा सार्वजनिक करने, जलभराव वाले स्थानों की पहचान करने और अस्पतालों, स्कूलों व रिहायशी इलाकों में आपातकालीन पंपिंग व्यवस्था मजबूत करने की मांग की थी। उन्होंने बिजली विभाग के साथ संयुक्त निरीक्षण और लापरवाही पाए जाने पर अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की थी।
नारंग ने सवाल उठाया था कि यदि बड़ी संख्या में नालों की सफाई का दावा किया गया है, तो बारिश के बाद दिल्ली के कई हिस्सों में जलभराव क्यों हो रहा है। उनके मुताबिक, मानसून से पहले तैयारियों और नालों की सफाई की वास्तविक स्थिति की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।
बारिश के बाद बढ़ी दिल्ली की परेशानी
दिल्ली में इस मानसून के दौरान कई इलाकों में बारिश के बाद जलभराव की समस्या सामने आई है। प्रमुख सड़कों, आंतरिक मार्गों और कुछ अंडरपास में पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ है। भारी बारिश के दौरान कई स्थानों पर लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ा और वाहनों की रफ्तार भी प्रभावित हुई।
जलभराव के साथ कूड़े के ढेर की समस्या ने भी राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। AAP का कहना है कि पानी और कचरे की समस्या एक साथ होने से दिल्लीवासियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। पार्टी ने MCD से सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने, नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने और जलभराव वाले इलाकों में तत्काल राहत व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
भाजपा पर बढ़ा राजनीतिक दबाव
नाव और कूड़े के साथ MCD सदन पहुंचकर AAP ने जलभराव और सफाई व्यवस्था के मुद्दे को राजनीतिक रूप से जोरदार तरीके से उठाया है। इस प्रदर्शन के जरिए पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की कि बारिश के दौरान दिल्लीवासियों को जिन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें केवल मौसमी समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
अब इस मुद्दे पर MCD और भाजपा की ओर से क्या जवाब दिया जाता है, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल AAP ने साफ कर दिया है कि वह दिल्ली की सफाई, जलभराव और बुनियादी नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को MCD सदन से लेकर सड़क तक उठाती रहेगी। वहीं, भाजपा ने इस प्रदर्शन को खारिज करते हुए AAP पर राजनीतिक प्रदर्शन करने का आरोप लगाया है।