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दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच पानी का गंभीर संकट। जखीरा और द्वारका समेत कई इलाकों में जनता परेशान। आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर साधा निशाना।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने के साथ ही शहर के विभिन्न इलाकों में पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है। दिल्ली के जखीरा इलाके से लेकर द्वारका जैसे पॉश इलाकों तक, जनता पीने के पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रही है। कड़कती धूप में पानी के टैंकरों के पीछे लंबी कतारों में खड़ी जनता का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है।
पानी के लिए हाहाकार: जखीरा से द्वारका तक जनता बेहाल
भीषण गर्मी के बीच पानी की भारी किल्लत ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। जखीरा के स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्हें पानी की बूंद-बूंद के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, और कई बार पानी का टैंकर समय पर न पहुंचने के कारण उनकी मुसीबतें और बढ़ जाती हैं। केवल जखीरा ही नहीं, बल्कि दिल्ली के पॉश इलाके कहे जाने वाले द्वारका से भी पानी की भारी कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं, जो इस संकट की भयावहता को दर्शाती हैं।
आम आदमी पार्टी का भाजपा पर कड़ा प्रहार
इस जल संकट को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला है। आप नेताओं का कहना है कि भाजपा का ‘चार इंजन की सरकार’ का दावा पूरी तरह खोखला साबित हो रहा है। पार्टी ने तंज कसते हुए कहा, “भाजपा बताए, ऐसे इंजनों का क्या फायदा जो भीषण गर्मी में जनता को पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं करवा पा रहे?” आप का आरोप है कि केंद्र सरकार और भाजपा शासित एजेंसियां दिल्ली में पानी की आपूर्ति को बाधित कर रही हैं, जिससे आम जनता को जानलेवा गर्मी में पीने के पानी के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
प्रशासनिक विफलता और जनता का आक्रोश
सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक, दिल्ली के लोग प्रशासनिक विफलता को लेकर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। निवासियों का कहना है कि बढ़ती गर्मी के साथ पानी की मांग बढ़नी तय थी, लेकिन प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस तैयारी नहीं की। टैंकरों की अनियमितता और पाइपलाइन के माध्यम से अपर्याप्त जलापूर्ति ने आम आदमी के लिए संकट को और गहरा कर दिया है। दिल्ली की जनता अब सवाल पूछ रही है कि आखिर उन्हें कब तक अपनी बुनियादी जरूरतों, विशेषकर पीने के पानी के लिए इस कदर संघर्ष करना पड़ेगा।