दिल्ली के जनकपुरी में नलों से सीवर वाला गंदा पानी आने से बीमारियाँ फैल रही हैं। आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए इसे जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बताया है।
नल से आ रहा ‘गटर’ जैसा पानी, क्या किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रही भाजपा?
देश की राजधानी दिल्ली के जनकपुरी समेत कई इलाकों में नलों से आने वाला गंदा और बदबूदार पानी निवासियों के लिए जी का जंजाल बन गया है। जनकपुरी के बीई (BE) ब्लॉक और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कई महीनों से सीवर मिश्रित पानी की आपूर्ति हो रही है, जिससे स्थानीय लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर भाजपा को आड़े हाथों लिया है। आप नेताओं का आरोप है कि हरियाणा की भाजपा सरकार द्वारा यमुना में छोड़े जा रहे प्रदूषित पानी और केंद्र के हस्तक्षेप के कारण दिल्ली की जल व्यवस्था को जानबूझकर बाधित किया जा रहा है।
बीमारियों का घर बना जनकपुरी; कब जागेगी भाजपा?
Times of India के फ्रंट पेज पर ये खबर पढ़िये। इसमें लिखा है कि जनकपुरी के नलों में सीवर का पानी आ रहा है और कोई सुनने वाला नहीं है। ये हाल सिर्फ जनकपुरी का नहीं है बल्कि दिल्ली के कई इलाकों में यही हाल है।
बीजेपी की चार इंजन वाली सरकार ने दिल्ली वालों का जीना दूभर कर दिया है।… pic.twitter.com/5dcVYY77cf
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) April 30, 2026
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नलों से आने वाला पानी इतना काला और बदबूदार है कि पूरा घर गटर की तरह महकने लगता है। जनकपुरी के लगभग 600 से अधिक लोग इस संकट से सीधे तौर पर प्रभावित हैं। बुजुर्गों और बच्चों में पेट के संक्रमण और त्वचा संबंधी रोगों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए सवाल पूछा है
—”क्या भाजपा किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है?” आप का आरोप है कि जब भी दिल्ली सरकार सुधार के कदम उठाती है, भाजपा की राजनीति उसमें अड़ंगा डाल देती है।
अमोनिया का बढ़ता स्तर और राजनीति का अखाड़ा
दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के अनुसार, यमुना में अमोनिया का स्तर निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक (3 ppm तक) पहुँच गया है, जिसके कारण वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स को बंद करना पड़ रहा है। अरविंद केजरीवाल ने पहले भी एक्स (X) पर साझा किया था कि हरियाणा सरकार द्वारा औद्योगिक कचरा और प्रदूषित पानी छोड़ना दिल्ली के लोगों के खिलाफ एक ‘साजिश’ जैसा है। आम आदमी पार्टी का दावा है कि भाजपा शासित राज्य और केंद्र की एजेंसियां मिलकर दिल्ली की जनता को प्यासा रखने और गंदा पानी पिलाने की राजनीति कर रही हैं ताकि आगामी चुनावों में इसका लाभ उठाया जा सके।
समाधान की तलाश और जनता का आक्रोश
भले ही दिल्ली जल बोर्ड ने जनकपुरी में सीवर लाइनों की मरम्मत का काम शुरू करने का दावा किया है, लेकिन जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोग रोजाना बोतलबंद पानी खरीदने के लिए सैकड़ों रुपये खर्च करने को मजबूर हैं। आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा की “नकारात्मक राजनीति” के बावजूद वे दिल्ली की जनता को स्वच्छ जल दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। केजरीवाल ने सीधे तौर पर भाजपा से पूछा है कि दिल्ली के हक का पानी रोकने और प्रदूषित जल भेजने की यह “गंदी राजनीति” आखिर कब थमेगी?