दिल्ली के कथित चावल घोटाले को लेकर सौरभ भारद्वाज ने BJP सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने अधिकारी के निलंबन पर सवाल उठाते हुए मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा की जवाबदेही और इस्तीफे की मांग की।
दिल्ली में कथित चावल घोटाले को लेकर आम आदमी पार्टी ने BJP सरकार पर एक बार फिर निशाना साधा है। AAP नेता और पूर्व दिल्ली मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया है कि अगर इस मामले में दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी को निलंबित किया गया है, तो संबंधित मंत्री की जिम्मेदारी क्यों तय नहीं की जा रही है। भारद्वाज का आरोप है कि केवल Additional Commissioner को निलंबित कर BJP सरकार इस पूरे मामले की जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि निलंबित अधिकारी ने Show Cause Notice के जवाब में स्पष्ट किया है कि उसके द्वारा उठाए गए कदम मंत्री के साथ चर्चा और उनके निर्देशों के बाद लिए गए थे। AAP नेता ने इसी जवाब को आधार बनाकर BJP सरकार और मंत्री की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।
‘अधिकारी ने मंत्री के निर्देशों का किया था पालन’
सौरभ भारद्वाज के मुताबिक, अधिकारी ने अपने जवाब में कहा है कि जिन फैसलों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वे उसने व्यक्तिगत स्तर पर नहीं लिए थे। AAP का दावा है कि अधिकारी ने संबंधित मंत्री से चर्चा करने और उनके निर्देशों के अनुसार कार्रवाई करने की बात कही है। भारद्वाज ने सवाल किया कि यदि अधिकारी की यह बात सही है, तो केवल अधिकारी को जिम्मेदार मानकर कार्रवाई करना उचित कैसे हो सकता है।
AAP नेता ने कहा कि किसी भी सरकारी व्यवस्था में मंत्री और अधिकारी की जिम्मेदारियां अलग-अलग जरूर होती हैं, लेकिन यदि किसी निर्णय में मंत्री के निर्देश शामिल होने की बात सामने आती है तो मामले की जांच में मंत्री की भूमिका को भी शामिल किया जाना चाहिए।
मंत्री मंजिंदर सिरसा पर सौरभ भारद्वाज के सवाल
सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार में मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर चावल घोटाले में एक अधिकारी को निलंबित किया गया है और अधिकारी अपने जवाब में मंत्री के निर्देशों का हवाला दे रहा है, तो मंत्री को भी अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
AAP नेता ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच पूरी होने तक राजनीतिक जिम्मेदारी तय करने पर भी विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल किसी अधिकारी पर कार्रवाई करने से कथित घोटाले की पूरी जवाबदेही तय नहीं हो जाती।
‘सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती’
अधिकारी बर्खास्त, मंत्री क्यों नहीं?
बीजेपी सरकार चावल घोटाले पर एडिशनल कमिश्नर को सस्पेंड करके अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकती।
निलंबित अधिकारी ने Show Cause Notice के जवाब में साफ़–साफ़ बताया है कि उसके द्वारा की गई कार्रवाई मंत्री से चर्चा करके और उनके आदेशानुसार हुई है।
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— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) August 16, 2026
AAP का आरोप है कि BJP सरकार मामले में केवल प्रशासनिक कार्रवाई करके राजनीतिक जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है। पार्टी का कहना है कि यदि सरकारी खरीद या वितरण व्यवस्था में कोई गंभीर अनियमितता हुई है तो यह पता लगाया जाना जरूरी है कि निर्णय किस स्तर पर लिए गए और उन फैसलों को किसकी मंजूरी या निर्देश प्राप्त थे।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि कथित चावल घोटाले में असली जिम्मेदार कौन है। उन्होंने BJP सरकार से पूरे मामले में पारदर्शिता बरतने और सभी संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कराने की मांग की।
अधिकारी और मंत्री की जिम्मेदारी पर बहस
इस विवाद ने दिल्ली सरकार में मंत्री और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर भी बहस छेड़ दी है। AAP का तर्क है कि यदि किसी अधिकारी ने किसी मंत्री के निर्देश के आधार पर कार्रवाई की, तो केवल अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई पर्याप्त नहीं हो सकती। वहीं, पूरे मामले में वास्तविक जिम्मेदारी जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही तय की जा सकती है।
सौरभ भारद्वाज ने इसी मुद्दे को उठाते हुए BJP सरकार से पूछा है कि अगर अधिकारी को निलंबित किया जा सकता है तो मंत्री से जवाबदेही क्यों नहीं मांगी जा रही। उन्होंने मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि सरकार को कथित चावल घोटाले की पूरी सच्चाई जनता के सामने रखनी चाहिए।
AAP ने उठाई उच्चस्तरीय जांच की मांग
आम आदमी पार्टी का कहना है कि कथित चावल घोटाले की जांच केवल अधिकारियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। पार्टी चाहती है कि निर्णय प्रक्रिया में शामिल सभी अधिकारियों और राजनीतिक पदाधिकारियों की भूमिका की जांच हो। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अगर दस्तावेजों में मंत्री के निर्देशों का उल्लेख है तो उन निर्देशों की भी जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
फिलहाल यह मामला दिल्ली की राजनीति में BJP और AAP के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नया मुद्दा बन गया है। सौरभ भारद्वाज के आरोपों और मंत्री के इस्तीफे की मांग के बीच अब सरकार की ओर से इस पूरे मामले पर आधिकारिक स्पष्टीकरण का इंतजार है। AAP ने साफ किया है कि वह इस मुद्दे को जनता के सामने उठाती रहेगी और कथित घोटाले में राजनीतिक जवाबदेही तय करने की मांग करेगी।