दिल्ली पुलिस के ASI द्वारा जिम मालिक की सरेआम हत्या पर आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार को घेरा। AAP ने पुलिस पर गुंडागर्दी और राजनीतिक संरक्षण का आरोप लगाया।
दिल्ली में कानून व्यवस्था की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। ताजा मामले में, दिल्ली पुलिस के एक ASI द्वारा सरेआम एक जिम मालिक को गोली मारने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस घटना को “पुलिस की गुंडागर्दी” और राजनीतिक संरक्षण का परिणाम बताया है।
“क्या दिल्ली पुलिस को गुंडा बनाया जा रहा है?”
आम आदमी पार्टी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दिल्ली पुलिस अब जनता की रक्षक नहीं, बल्कि भाजपा के हाथों की कठपुतली बन चुकी है। पार्टी के अनुसार, यह केवल एक घटना नहीं है, बल्कि एक पैटर्न है। इससे पहले भी ‘बिहारी’ होने के नाम पर एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया था, जो पुलिस की मानसिकता पर सवाल खड़े करता है।
AAP के तीखे सवाल:
भाजपा की सेवा में लगी दिल्ली पुलिस का एक और कांड..
दिल्ली पुलिस के ASI ने एक जिम मालिक को सरेआम गोली मार दी। अभी पांडव का परिवार इंसाफ की आस में बैठा हुआ है जिसे एक पुलिसवाले ने सिर्फ बिहारी होने पर गोली मार दी थी।
भाजपा ने दिल्ली पुलिस का ऐसा हाल कर दिया है कि इनसे कानून… https://t.co/OskxuhuyoS
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) May 29, 2026
मेडिकल टेस्ट से परहेज क्यों? पीड़ित पक्ष ने मांग की थी कि आरोपी पुलिसकर्मी का मेडिकल कराया जाए, लेकिन पुलिस ने इसे अनसुना कर दिया। AAP ने पूछा कि कानून के रखवालों को कानून के दायरे से बाहर क्यों रखा जा रहा है?
- राजनीतिक सरपरस्ती का आरोप: पार्टी का आरोप है कि भाजपा के संरक्षण में पल रही दिल्ली पुलिस अब बिना किसी डर के आम नागरिकों पर गोलियां चला रही है।
- इंसाफ का इंतज़ार: पार्टी ने उन परिवारों का जिक्र किया जो आज भी इंसाफ की आस में दर-दर भटक रहे हैं, जिनके अपनों को खाकी वर्दी वालों ने ही मौत के घाट उतार दिया।
“भाजपा शासन में बदतर हुई कानून व्यवस्था”
आम आदमी पार्टी का कहना है कि केंद्र सरकार और भाजपा दिल्ली की कानून व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल रही है। पुलिस पर अंकुश लगाने के बजाय उन्हें राजनीतिक कार्यों में व्यस्त रखा गया है, जिसका खामियाजा दिल्ली की जनता भुगत रही है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
AAP ने दिल्ली पुलिस की कार्यशैली को “बेकाबू और बेलगाम” बताते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरा करार दिया है। क्या दिल्ली में आम आदमी खुद को सुरक्षित महसूस कर सकता है, या खाकी वर्दी का खौफ ही अब दिल्ली की पहचान बन चुका है?