दिल्ली की 91 ‘O-Zone’ कॉलोनियों पर संकट, AAP का बड़ा ऐलान- PM मोदी को भेजेंगे लाखों हस्ताक्षर

दिल्ली की 91 'O-Zone' कॉलोनियों पर संकट, AAP का बड़ा ऐलान- PM मोदी को भेजेंगे लाखों हस्ताक्षर

 

दिल्ली की 91 O-Zone कॉलोनियों में तोड़फोड़ के खिलाफ AAP ने शुरू किया हस्ताक्षर अभियान। संजीव झा ने सरकार के आश्वासनों पर उठाए सवाल।

दिल्ली की 91 अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले करीब 15 लाख लोगों के सिर पर इन दिनों बेघर होने की तलवार लटक रही है। यमुना के ‘O-Zone’ (इको-सेंसिटिव जोन) में बसे इन इलाकों में जारी तोड़फोड़ की कार्रवाई के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) ने अब केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी ने इसे जनता के साथ विश्वासघात बताते हुए बड़े पैमाने पर हस्ताक्षर अभियान शुरू करने का ऐलान किया है।

क्या है पूरा मामला?

दिल्ली की इन 91 कॉलोनियों में निवासी दशकों से रह रहे हैं। हाल ही में, इन क्षेत्रों में अनधिकृत निर्माणों को चिह्नित करते हुए चेतावनी बोर्ड लगाए गए और तोड़फोड़ की प्रक्रिया शुरू की गई। हालांकि, 9 जून को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सार्वजनिक रूप से आश्वासन दिया था कि मौजूदा रिहायशी मकानों को नहीं गिराया जाएगा। इसके बावजूद, आम आदमी पार्टी का आरोप है कि जैतपुर, बुराड़ी और तिमारपुर जैसे इलाकों में बुलडोजर कार्रवाई बदस्तूर जारी है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश और भय का माहौल है।

संसद में कानून की मांग

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और बुराड़ी के विधायक संजीव झा ने सरकार के वादों को ‘खोखला’ करार दिया है। संजीव झा का कहना है कि जुबानी आश्वासनों से लोगों के घर नहीं बचेंगे। उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार को इस मुद्दे पर तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए। AAP का स्पष्ट रुख है कि संसद में विशेष कानून बनाकर या अध्यादेश जारी करके इन कॉलोनियों को कानूनी सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए ताकि निवासी बिना किसी डर के अपने घरों में रह सकें।

घर-घर दस्तक देगा ‘आप’ का हस्ताक्षर अभियान

अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए ‘आप’ ने एक बड़ा ‘हस्ताक्षर अभियान’ शुरू किया है। इस अभियान की रूपरेखा इस प्रकार है:

  • जन-संपर्क: पार्टी के विधायक, पार्षद और कार्यकर्ता दिल्ली के प्रभावित निर्वाचन क्षेत्रों, विशेषकर बुराड़ी, तिमारपुर, करावल नगर, ओखला और बदरपुर में घर-घर जाकर लोगों से समर्थन जुटाएंगे।
  • पीएम को भेजा जाएगा ज्ञापन: अभियान के समापन पर, लाखों निवासियों के हस्ताक्षरों वाला एक विस्तृत ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा जाएगा, ताकि उन्हें वहां के निवासियों की पीड़ा और विस्थापन के दंश से अवगत कराया जा सके।

राजनीतिक टकराव और आरोप-प्रत्यारोप

इस संवेदनशील मुद्दे पर दिल्ली का राजनीतिक पारा काफी गर्म है। संजीव झा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “अगर मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी बुलडोजर चल रहे हैं, तो इसका मतलब है कि इसके पीछे कोई बड़ी साजिश है और सरकार जनता को गुमराह कर रही है।”

दूसरी ओर, भाजपा का कहना है कि ‘O-Zone’ यमुना का फ्लडप्लेन एरिया है, जहां पर्यावरण नियमों के अनुसार कोई भी निर्माण ‘अमान्य’ है। भाजपा का तर्क है कि कानून का पालन करना अनिवार्य है। बहरहाल, एक तरफ अदालती निर्देश और पर्यावरण संरक्षण का हवाला है, तो दूसरी तरफ लाखों लोगों की रोजी-रोटी और सिर पर छत का सवाल। अब देखना यह होगा कि इस राजनीतिक खींचतान के बीच इन परिवारों को कोई ठोस राहत मिलती है या नहीं।

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