गोवा बिजली संकट: अरविंद केजरीवाल ने 19,000 पावर कट्स का दिया आंकड़ा, सरकार से मांगी 300 यूनिट मुफ्त बिजली

गोवा बिजली संकट: अरविंद केजरीवाल ने 19,000 पावर कट्स का दिया आंकड़ा, सरकार से मांगी 300 यूनिट मुफ्त बिजली

 

 

गोवा में 17 महीनों में 19,000 पावर कट्स को लेकर अरविंद केजरीवाल का बड़ा हमला। केजरीवाल ने गोवा के लिए 300 यूनिट मुफ्त बिजली और बिल माफी की मांग की।

गोवा में बिजली की बार-बार कटौती और राज्य के लचर विद्युत प्रबंधन को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गोवा में बिजली संकट पर गंभीर चिंता जताते हुए चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले 17 महीनों (जनवरी 2024 से मई 2025) के दौरान राज्य में लगभग 19,000 बार बिजली गुल हुई है, जिससे गोवा अब ‘पावर कट राज्य’ बन गया है।

“गोवा को चाहिए 24×7 बिजली”

अरविंद केजरीवाल ने राज्य सरकार के सामने जनता की तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि गोवा के हर घर को अपना हक मिलना चाहिए:

  • मुफ्त बिजली: प्रत्येक परिवार को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलनी चाहिए।
  • पुराने बिलों की माफी: 15 जून तक के सभी लंबित बिजली बिलों को पूरी तरह से माफ किया जाना चाहिए।
  • 24×7 निर्बाध आपूर्ति: राज्य में बिजली कटौती का सिलसिला खत्म कर 24 घंटे बिजली की सुविधा सुनिश्चित की जाए।

“दिल्ली मॉडल” से तुलना

केजरीवाल ने दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि दिल्ली में मुफ्त बिजली दी जा सकती है, तो गोवा में क्यों नहीं? उन्होंने आरोप लगाया कि गोवा बिजली के मामले में सरप्लस राज्य होने के बावजूद जनता को अंधेरे में रहने को मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खराब ट्रांसमिशन लाइनों और अव्यवस्था के कारण गोवावासी परेशान हैं और उन्हें बिजली बिल सुधारने के लिए भी सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं।

बिजली विभाग की चुनौतियां और प्रशासनिक विफलता

गोवा सरकार के बिजली विभाग के हालिया आंकड़ों और सरकारी बयानों के अनुसार, राज्य को अक्सर केंद्रीय ग्रिड की विफलताओं और सब-स्टेशनों में तकनीकी खामियों का सामना करना पड़ता है। हाल ही में, उत्तरी गोवा में एक प्रमुख ट्रांसफार्मर के जलने और उसके स्पेयर पार्ट्स की अनुपलब्धता के कारण घंटों बिजली गुल रही, जिसे लेकर विपक्ष ने सरकार को ‘अक्षम’ करार दिया है।

राजनीतिक खींचतान

जहां एक ओर अरविंद केजरीवाल ने बिजली के इस मुद्दे को चुनावी मुद्दा बनाने के संकेत दिए हैं, वहीं कांग्रेस जैसे अन्य विपक्षी दल भी भाजपा सरकार की ‘लापरवाही’ पर सवाल उठा रहे हैं। राज्य के बिजली मंत्री ने स्वीकार किया है कि ग्रिड की निर्भरता और बुनियादी ढांचे की कमी के कारण समस्या है, लेकिन आप और कांग्रेस इसे सीधे तौर पर ‘प्रशासनिक विफलता’ बता रहे हैं।

आने वाले दिनों में गोवा में बिजली का यह मुद्दा राज्य की राजनीति में बड़ा मोड़ ला सकता है, क्योंकि जनता अब लगातार हो रही कटौती और महंगाई से राहत चाहती है।

Related posts

नायब सिंह सैनी सरकार का बड़ा डीबीटी ट्रांसफर, लाखों लाभार्थियों के खातों में पहुंचे ₹1,890 करोड़

हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया विस्तार, अंबाला-कर्नाल समेत तीन जगहों पर लगेंगी अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीनें

हरियाणा सरकार ने सिख श्रद्धालुओं से मांगे आवेदन, गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर 22 नवंबर से 1 दिसंबर तक पाकिस्तान यात्रा

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More