दिल्ली ओ-ज़ोन ध्वस्तीकरण: ‘बुलडोज़र कार्रवाई पर सरकार के दावे झूठे’, सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी को घेरा

दिल्ली ओ-ज़ोन ध्वस्तीकरण: 'बुलडोज़र कार्रवाई पर सरकार के दावे झूठे', सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी को घेरा

दिल्ली के ओ-ज़ोन इलाकों में बुलडोज़र कार्रवाई को लेकर गरमाई सियासत। सौरभ भारद्वाज ने बीजेपी सरकार के आश्वासनों को ‘झूठा’ बताया।

 

दिल्ली के यमुना फ्लडप्लेन यानी ‘ओ-ज़ोन’ (O-Zone) इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों के घरों पर मंडराते ध्वस्तीकरण (Demolition) के खतरे को लेकर राजनीति तेज़ हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि एक तरफ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता यह आश्वासन दे रही हैं कि मौजूदा मकानों को नहीं तोड़ा जाएगा, वहीं दूसरी तरफ ज़मीन पर बुलडोज़र लगातार चल रहे हैं।

सौरभ भारद्वाज ने सरकार के दावों को बताया ‘झूठा’

बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार की कथनी और करनी में भारी अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के आश्वासनों के बावजूद, ओ-ज़ोन में रहने वाले निवासियों के घरों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री कह रही हैं कि किसी का घर नहीं टूटेगा, लेकिन उसी दिन रिहायशी ढांचों पर बुलडोज़र चलाए गए।”

लाखों लोगों के सिर पर संकट का साया

आम आदमी पार्टी के अनुसार, ओ-ज़ोन के अंतर्गत करीब 91 अनधिकृत कॉलोनियां और एक दर्जन से अधिक गांव आते हैं, जिनमें लगभग 15 लाख लोग रहते हैं। भारद्वाज ने चेतावनी दी कि इन निवासियों के पास किसी भी प्रकार की कानूनी सुरक्षा नहीं है, जिससे वे भारी अनिश्चितता के दौर से गुज़र रहे हैं। उन्होंने मांग की कि केंद्र और दिल्ली सरकार को मौजूदा कानूनों में संशोधन करना चाहिए ताकि इन लाखों लोगों को उनके आशियाने से बेदखल होने से बचाया जा सके।

AAP का ‘हस्ताक्षर अभियान’

इस मुद्दे पर केंद्र और दिल्ली सरकार को घेरने की तैयारी करते हुए, आम आदमी पार्टी ने पूरे दिल्ली में एक ‘हस्ताक्षर अभियान’ चलाने का ऐलान किया है। पार्टी का मकसद इस अभियान के ज़रिए ओ-ज़ोन के निवासियों के लिए कानूनी सुरक्षा की मांग को और तेज़ करना है। सौरभ भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि जब तक निवासियों को उनके घरों के लिए स्थायी कानूनी संरक्षण नहीं मिल जाता, तब तक आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को सड़कों से लेकर सदन तक उठाएगी।

ओ-ज़ोन और रिहायशी कॉलोनियां

गौरतलब है कि ओ-ज़ोन को ईको-सेंसिटिव क्षेत्र घोषित किया गया है, जहाँ नए निर्माण पर प्रतिबंध है। हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद अधिकारियों द्वारा चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे, जिसके बाद से ही यहाँ के निवासी अपने घरों को लेकर डरे हुए हैं। बीजेपी जहाँ इसे कोर्ट के आदेशों का पालन बता रही है, वहीं आम आदमी पार्टी का कहना है कि सरकार अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी से बच रही है और गरीबों के घरों को उजाड़ने पर आमादा है।

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