दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण सुबह कोहरे जैसी धुंध छाई हुई है। नोएडा में एक्यूआई 194 और दिल्ली में 188 दर्ज किया गया। जानें बारिश, तापमान और नवरात्रि से पहले मौसम का हाल।
दिल्ली-एनसीआर में अक्टूबर की शुरुआत के साथ मौसम में बदलाव महसूस होने लगा है। सुबह के समय आसमान में धुंध छाई दिखाई दे रही है और हल्की ठंडक का एहसास भी हो रहा है। कई इलाकों में दृश्यता कम होने से ऐसा लग रहा है, जैसे कोहरा पड़ने लगा हो। हालांकि, अभी अक्टूबर का पहला पखवाड़ा भी पूरा नहीं हुआ है और तापमान इतना कम नहीं हुआ है कि सामान्य रूप से सर्दियों वाला कोहरा छाने लगे। ऐसे में सुबह दिखाई देने वाली धुंध की एक बड़ी वजह बढ़ता वायु प्रदूषण माना जा रहा है। प्रदूषण के कारण हवा में मौजूद बारीक कण वातावरण में जमा हो रहे हैं, जिससे स्मॉग की परत बन रही है। दिल्ली, नोएडा और आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता प्रभावित होने से लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना भी है।
दिल्ली-एनसीआर में कोहरे जैसी धुंध, क्या है इसकी वजह?
दिल्ली-एनसीआर में सुबह दिखाई देने वाली धुंध को केवल कोहरा समझना सही नहीं होगा। अक्टूबर में तापमान में हल्की गिरावट और वातावरण में मौजूद नमी के कारण धुंध बन सकती है, लेकिन जब हवा में प्रदूषक कणों की मात्रा बढ़ जाती है, तो यह धुंध स्मॉग का रूप भी ले सकती है। स्मॉग हवा में मौजूद प्रदूषण और धुंध का मिश्रण होता है, जो वातावरण को धुंधला बना देता है। इसकी वजह से दूर की वस्तुएं साफ दिखाई नहीं देतीं और सुबह के समय आसमान पर धूसर परत नजर आती है।
दिल्ली-एनसीआर में वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण गतिविधियों से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और मौसम की परिस्थितियां प्रदूषण के स्तर को प्रभावित कर सकती हैं। हवा की गति कम होने पर प्रदूषक कण वातावरण में अधिक समय तक बने रह सकते हैं। हालांकि, किसी खास दिन प्रदूषण बढ़ने की सटीक वजह जानने के लिए स्थानीय मौसम और प्रदूषण संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण जरूरी है।
नोएडा में 194 और दिल्ली में 188 रहा एक्यूआई
वायु गुणवत्ता के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 9 अक्टूबर की सुबह नोएडा में लाइव वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई लगभग 194 दर्ज किया गया, जबकि दिल्ली में यह करीब 188 के आसपास रहा। नोएडा में पीएम 2.5 का स्तर लगभग 116 बताया गया। दिल्ली में पीएम 10 की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक रहने की जानकारी सामने आई।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि एक्यूआई का स्तर समय और स्थान के अनुसार बदलता रहता है। इसलिए ये आंकड़े संबंधित समय के माप को दर्शाते हैं, पूरे दिन या दिल्ली-एनसीआर के प्रत्येक इलाके की वायु गुणवत्ता को नहीं। भारत के राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक के मानकों के अनुसार, 101 से 200 के बीच एक्यूआई को ‘मध्यम’ श्रेणी में रखा जाता है। इस श्रेणी में भी संवेदनशील लोगों, खासकर अस्थमा या सांस संबंधी परेशानी से जूझ रहे व्यक्तियों को दिक्कत हो सकती है। 201 से 300 के बीच एक्यूआई पहुंचने पर हवा की गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में मानी जाती है।
पीएम 2.5 और पीएम 10 हवा में मौजूद ऐसे कण हैं, जिनका आकार बहुत छोटा होता है। पीएम 2.5 के कण बेहद सूक्ष्म होने के कारण सांस के साथ फेफड़ों के भीतर तक पहुंच सकते हैं। वहीं, पीएम 10 के कण भी श्वसन तंत्र को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में प्रदूषण के स्तर पर नजर रखना और जरूरी सावधानियां बरतना महत्वपूर्ण है।
आज दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम के मोर्चे पर दिल्ली-एनसीआर में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। तापमान में गुरुवार के मुकाबले मामूली गिरावट दर्ज की जा सकती है। पूर्वानुमान के मुताबिक, अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। इस बदलाव के कारण दिन के समय गर्मी पहले की तुलना में कुछ कम महसूस हो सकती है, जबकि सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक बनी रह सकती है।
दिल्ली से मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि अब बारिश की संभावना पूरी तरह खत्म हो गई है। पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम परिस्थितियों के प्रभाव से कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार, सुबह से दोपहर के बीच कहीं-कहीं गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी है। हालांकि, बारिश पूरे शहर में एक समान होने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों तक सीमित रह सकती है। बारिश होने पर कुछ समय के लिए तापमान में गिरावट महसूस हो सकती है, लेकिन इससे प्रदूषण में कितनी कमी आएगी, यह हवा की गति और बारिश की तीव्रता समेत कई कारकों पर निर्भर करेगा।
नवरात्रि से पहले बदलेगा तापमान, अगले दिनों में क्या होगा?
शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से होने जा रही है। त्योहार से पहले दिल्ली-एनसीआर में तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल रही है। मौसम के उपलब्ध पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों तक तापमान लगभग इसी स्तर पर बना रह सकता है। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसका अर्थ है कि फिलहाल लोगों को सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक का एहसास हो सकता है, लेकिन दिन में गर्मी पूरी तरह खत्म होने की उम्मीद नहीं है।
अक्टूबर के इस दौर में मौसम में उतार-चढ़ाव सामान्य है। दिन और रात के तापमान में अंतर, बादलों की मौजूदगी और हवा की दिशा में बदलाव से मौसम का अनुभव अलग-अलग हो सकता है। इसलिए अभी से कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी।
प्रदूषण से बचने के लिए बरतें सावधानी
दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग और प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए लोगों को अपनी सेहत का ध्यान रखने की जरूरत है। सुबह के समय यदि किसी इलाके में धुंध अधिक हो या प्रदूषण का स्तर बढ़ा हुआ हो, तो खुले में लंबे समय तक व्यायाम करने से बचना बेहतर हो सकता है। सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर अच्छी गुणवत्ता वाला, सही फिटिंग का एन95 मास्क उपयोग किया जा सकता है।
इसके अलावा, लोगों को स्थानीय वायु गुणवत्ता सूचकांक और मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए। यदि आंखों में लगातार जलन, खांसी या सांस लेने में परेशानी महसूस हो, तो चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।
कुल मिलाकर, दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल सुबह की धुंध के साथ हल्की ठंडक और दिन में सामान्य गर्मी का दौर बना हुआ है। नवरात्रि से पहले तापमान में मामूली गिरावट राहत दे सकती है, लेकिन वायु प्रदूषण की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। आने वाले दिनों में मौसम के साथ-साथ हवा की गुणवत्ता पर नजर रखना भी जरूरी होगा।