Table of Contents
जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के चलते सुरक्षा कारणों से राजीव चौक और मंडी हाउस समेत 17 मेट्रो स्टेशन लगातार तीसरे दिन बंद हैं। SCBA ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर के पास जारी उग्र विरोध प्रदर्शन के चलते शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन सेंट्रल दिल्ली के 17 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा गया है। सुरक्षा एजेंसियों की सलाह और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने यह बड़ा कदम उठाया है। मेट्रो स्टेशनों के बंद रहने से रोजाना आने-जाने वाले लाखों यात्रियों, सरकारी कर्मचारियों, स्कूली छात्रों और व्यापारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
कौन-कौन से 17 मेट्रो स्टेशन हैं बंद? DMRC ने जारी की एडवाइजरी
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करते हुए 17 संवेदनशील मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार (Entry and Exit Gates) सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं।
बंद किए गए मेट्रो स्टेशनों की सूची:
- लोक कल्याण मार्ग (Lok Kalyan Marg)
- राजीव चौक (Rajiv Chowk)
- पटेल चौक (Patel Chowk)
- रामकृष्ण आश्रम मार्ग (Ramakrishna Ashram Marg)
- बाराखंबा रोड (Barakhambha Road)
- सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)
- सेवा तीर्थ (Seva Teerth)
- जनपथ (Janpath)
- मंडी हाउस (Mandi House)
- सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (Central Secretariat)
- आईटीओ (ITO)
- दिल्ली गेट (Delhi Gate)
- इंद्रप्रस्थ (Indraprastha)
- खान मार्केट (Khan Market)
- जोर बाग (Jor Bagh)
- शिवाजी स्टेडियम (Shivaji Stadium)
- झंडेवालान (Jhandewalan)
यह लगातार तीसरा दिन (बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार) है जब इन स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया गया है।
इंटरचेंज स्टेशनों पर मिलेगी सुविधा: राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट खुला
DMRC ने यात्रियों को थोड़ी राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों पर ट्रेनों का बदलाव (Interchange Facility) जारी रहेगा। राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट जैसे बड़े जंक्शनों पर यात्री एक लाइन से दूसरी लाइन पर जाने के लिए ट्रेन बदल सकते हैं। हालांकि, इन स्टेशनों से बाहर निकलने या बाहर से अंदर प्रवेश करने की अनुमति किसी भी यात्री को नहीं दी जा रही है।
आम जनता और नौकरीपेशा लोगों की बढ़ी मुश्किलें
सेंट्रल दिल्ली में स्थित ये 17 मेट्रो स्टेशन दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक, प्रशासनिक और शैक्षणिक केंद्रों को जोड़ते हैं।
- दफ्तर जाने वालों की परेशानी: कनॉट प्लेस (CP), आईटीओ और केंद्रीय सचिवालय के आसपास स्थित सरकारी मंत्रालयों व निजी दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों को पैदल या अन्य साधनों से अपने गंतव्य तक पहुँचना पड़ रहा है।
- सड़कों पर भारी जाम: मेट्रो सेवाएं बाधित होने के कारण यात्रियों ने बसों, ऑटो और निजी वाहनों का सहारा लिया, जिससे लुटियंस दिल्ली और आसपास की सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव देखा गया और लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने याचिका दायर की
मेट्रो स्टेशनों के बंद होने का असर न्यायिक कामकाज पर भी गहराई से पड़ा है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने देश की सर्वोच्च अदालत में एक याचिका दाखिल की।
SCBA ने अपनी याचिका में अदालत को बताया कि सुप्रीम कोर्ट और मंडी हाउस के पास के मेट्रो स्टेशनों के बंद होने से वकीलों, मुकदमों से जुड़े याचिकाकर्ताओं (Litigants) और अदालत के कर्मचारियों का कोर्ट परिसर तक पहुँचना बेहद मुश्किल हो गया है। बार एसोसिएशन ने मांग की है कि कम से कम वकीलों और न्यायिक कामकाज से जुड़े लोगों की आवाजाही के लिए मेट्रो सेवाओं को बहाल किया जाए।
जंतर-मंतर पर जारी राजनीतिक प्रदर्शन और सुरक्षा चिंताओं के कारण सेंट्रल दिल्ली में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। यद्यपि DMRC ने सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया है, लेकिन तीन दिनों से जारी इस बंदी ने आम नागरिकों और दिल्ली की जीवन रेखा कही जाने वाली मेट्रो सेवा की गति को बुरी तरह प्रभावित किया है। यात्री प्रशासन से जल्द से जल्द स्थिति सामान्य होने और मेट्रो सेवाएं बहाल करने की उम्मीद कर रहे हैं।