दिल्ली मास्टर प्लान 2047 को लेकर AAP विधायक कुलदीप कुमार ने BJP और DDA पर निशाना साधा। बोले- प्लान में जनता की जिंदगी सुधारने के बजाय बड़े भवनों पर जोर है।
दिल्ली के मास्टर प्लान 2047 को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक कुलदीप कुमार ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) पर तीखा हमला बोला है। कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि BJP शासित DDA द्वारा तैयार किया गया मास्टर प्लान दिल्ली के आम लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर नहीं बनाया गया है, बल्कि इसका फायदा बड़े बिल्डरों को पहुंचाने पर ज्यादा जोर है।
कुलदीप कुमार ने कहा कि किसी भी शहर का मास्टर प्लान वहां रहने वाले लोगों की उम्मीदों, जरूरतों और भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। इसमें यह तय किया जाता है कि शहर में आवास, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किस तरह किया जाएगा। लेकिन उनके मुताबिक, दिल्ली के नए मास्टर प्लान में आम लोगों की समस्याओं के समाधान को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं दी गई है।
‘दिल्ली की जनता के जीवन को बेहतर बनाने पर ध्यान नहीं’
कुलदीप कुमार का कहना है कि दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग झुग्गी-झोपड़ियों, पुनर्वास कॉलोनियों, अनधिकृत कॉलोनियों और गांवों में रहते हैं। इन क्षेत्रों में पानी, सीवर, सड़क, स्कूल, अस्पताल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि मास्टर प्लान में इन इलाकों के विकास और वहां रहने वाले लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए क्या ठोस व्यवस्था की गई है। AAP विधायक के अनुसार, मास्टर प्लान में गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की जरूरतों के बजाय बड़े भवनों और नए निर्माण पर ज्यादा जोर दिखाई देता है।
‘बिल्डर माफिया के लिए तैयार किया गया प्लान’
कुलदीप कुमार ने मास्टर प्लान को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए इसे “बिल्डर माफिया का प्लान” बताया। उनका आरोप है कि दिल्ली में बड़े-बड़े भवनों और नए प्रोजेक्ट्स के निर्माण के लिए नीतियों को इस तरह तैयार किया जा रहा है, जिससे बड़े डेवलपर्स को फायदा मिल सके।
उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान में हाईराइज बिल्डिंग, कमर्शियल डेवलपमेंट और बड़े निर्माण को बढ़ावा देने की बात ज्यादा दिखाई देती है, जबकि उन इलाकों पर पर्याप्त ध्यान नहीं है जहां दिल्ली की बड़ी आबादी पहले से रह रही है।
AAP की ओर से जारी बयान के अनुसार, कुलदीप कुमार ने यह भी सवाल उठाया कि दिल्ली की पुरानी कॉलोनियों और पुनर्वास क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मालिकाना हक और बेहतर सुविधाएं देने की दिशा में क्या कदम उठाए गए हैं।
पुनर्वास कॉलोनियों को लेकर भी उठाए सवाल
भाजपा शासित DDA का मास्टर प्लान दरअसल दिल्ली के बिल्डर माफिया का प्लान है।
दिल्ली के लोगों का जीवन बेहतर बनाने की बजाय ये मास्टर प्लान दिल्ली में बड़ी बड़ी बिल्डिंग बनाने के ऊपर केंद्रित है।@KuldeepKumarAAP pic.twitter.com/Mf01ppzHdu
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) September 2, 2026
कुलदीप कुमार ने दिल्ली की पुनर्वास कॉलोनियों का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि इन इलाकों में बड़ी संख्या में परिवार दशकों से रह रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें बुनियादी सुविधाओं और संपत्ति से जुड़े अधिकारों को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने सवाल किया कि यदि सरकार दिल्ली के भविष्य के विकास की योजना बना रही है तो इन कॉलोनियों के लिए स्कूल, अस्पताल, पार्क, सड़क, सीवर और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर स्पष्ट योजना क्यों नहीं दिखाई देती।
नए निर्माण पर जोर, पुरानी समस्याओं की अनदेखी का आरोप
कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान उन क्षेत्रों पर अधिक है जहां नए निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों की संभावनाएं हैं। उनके मुताबिक, पुराने बाजारों, कॉलोनियों और आबादी वाले क्षेत्रों की मौजूदा जरूरतों को उसी प्राथमिकता के साथ नहीं देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली का विकास केवल नई ऊंची इमारतें खड़ी करने से नहीं होगा। शहर का वास्तविक विकास तभी माना जाएगा जब आम लोगों को बेहतर सड़कें, साफ पानी, सीवर व्यवस्था, स्कूल, अस्पताल, पार्क और सुरक्षित आवास उपलब्ध हों।
मास्टर प्लान पर राजनीतिक टकराव बढ़ने के संकेत
मास्टर प्लान 2047 को लेकर दिल्ली में राजनीतिक बहस तेज होती दिखाई दे रही है। AAP लगातार आरोप लगा रही है कि योजना में आम जनता और कमजोर वर्गों के हितों की अनदेखी की गई है। दूसरी ओर, सरकार की ओर से मास्टर प्लान को दिल्ली के भविष्य के नियोजित विकास से जोड़कर देखा जा रहा है।
कुलदीप कुमार का बयान इसी राजनीतिक विवाद को और तेज करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली के विकास की किसी भी योजना में सबसे पहले आम नागरिकों की जरूरतों और अधिकारों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
AAP नेता ने आरोप लगाया कि यदि मास्टर प्लान का उद्देश्य वास्तव में दिल्ली को बेहतर बनाना है, तो इसमें झुग्गी बस्तियों, पुनर्वास कॉलोनियों, अनधिकृत कॉलोनियों और गांवों की समस्याओं का ठोस समाधान दिखाई देना चाहिए। उनके मुताबिक, केवल बड़े निर्माण और हाईराइज प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने से दिल्ली के करोड़ों लोगों की जिंदगी बेहतर नहीं हो सकती।
कुलदीप कुमार ने इसी आधार पर मास्टर प्लान 2047 की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह दिल्ली की जनता के भविष्य के बजाय बिल्डरों के हितों को केंद्र में रखता दिखाई देता है। हालांकि, ये कुलदीप कुमार और AAP द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं; इनके आधार पर किसी बिल्डर या संस्था के खिलाफ अनियमितता को स्थापित तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।