Delhi Mahila Pension Yojana Update: महिला पेंशन योजना के सत्यापन अभियान में 60,000 अपात्र महिलाओं के नाम सूची से हटाए गए। अब केवल पात्र लाभार्थियों को ही मिलेगा लाभ।
Delhi Mahila Pension Yojana Update: दिल्ली सरकार की महिला पेंशन योजना को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) द्वारा चलाए गए एक विशेष सत्यापन अभियान के बाद 60,000 से अधिक महिलाओं को योजना से अयोग्य मानते हुए लाभार्थी सूची से बाहर कर दिया गया है।
2007-08 में शुरू हुई थी महिला पेंशन योजना
यह योजना वर्ष 2007-08 में आर्थिक रूप से कमजोर विधवाओं, तलाकशुदा, बेसहारा और अलग रह रही महिलाओं को मासिक पेंशन के रूप में आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। वर्तमान में इस योजना के तहत महिलाओं को ₹2,500 प्रति माह की राशि दी जाती है।
सत्यापन अभियान में सामने आईं गड़बड़ियां
पिछले साल नवंबर 2024 में शुरू हुए घर-घर सत्यापन अभियान के दौरान योजना के क्रियान्वयन में कई अनियमितताएं पाई गईं। एक अधिकारी के अनुसार, सत्यापन में ऐसे मामले पाए गए जिनमें महिलाएं:
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पहले से पुनर्विवाहित थीं लेकिन तलाकशुदा बताकर लाभ ले रही थीं
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स्थिर आय या नौकरी होने के बावजूद पेंशन प्राप्त कर रही थीं
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पंजीकृत पते पर अब निवास नहीं कर रही थीं
इन सभी मामलों को आधार बनाकर उन्हें योजना से बाहर कर दिया गया है।
4.25 लाख लाभार्थियों में से 60,000 अपात्र
इस अभियान के तहत कुल 4.25 लाख लाभार्थियों की जांच की गई, जिसमें से 60,000 महिलाओं को अपात्र पाया गया। अब योजना के अंतर्गत केवल लगभग 3.65 लाख महिलाएं ही नियमित रूप से पेंशन प्राप्त कर रही हैं।
पारदर्शिता और पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता
WCD विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों तक सहायता सुनिश्चित करना है, न कि किसी योग्य महिला को योजना से वंचित करना। “इस कदम से हम पेंशन वितरण की पारदर्शिता बढ़ा पाए हैं और फर्जी दावों पर रोक लगाई गई है। अब यह सुनिश्चित होगा कि केवल वही महिलाएं लाभ लें जो वास्तव में इसकी हकदार हैं।” – अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग
पात्रता मानदंड (2025)
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आवेदिका की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष
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दिल्ली की निवासी हो (कम से कम 5 वर्षों से)
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वार्षिक पारिवारिक आय ₹1 लाख या उससे कम
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विधवा, तलाकशुदा, बेसहारा या अलग रह रही महिला हो
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