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दिल्ली के दयालपुर में युवक की सरेआम हत्या के बाद अरविंद केजरीवाल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। राष्ट्रीय राजधानी में कानून-व्यवस्था की बदतर स्थिति पर पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अपराध की बढ़ती घटनाओं ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में दिल्ली के दयालपुर इलाके में एक युवक की सरेआम गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है। इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।
क्या है मामला?
दिल्ली के दयालपुर में दिनदहाड़े हुई इस हत्या ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि दिल्ली में हत्या और अपराध की घटनाएं अब “सामान्य” होती जा रही हैं, जिससे आम आदमी का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है।
केजरीवाल का भाजपा पर प्रहार
दिल्ली में जिंदा रहना एक चुनौती सा बन गया है…
दयालपुर इलाके में सरेआम एक युवक की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। राजधानी में मर्डर करना जैसे एक आम बात सी हो गई है।
क्या भाजपा की नजर में दिल्लीवालों की जान इतनी सस्ती है? आखिर ये लोग कानून व्यवस्था ठीक क्यों नहीं करते? pic.twitter.com/yaKWNNs7uD
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) June 16, 2026
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस घटना पर दुख और गुस्सा जाहिर करते हुए सवाल किया है, “क्या भाजपा की नजर में दिल्लीवासियों के जीवन की कोई कीमत नहीं है?” उन्होंने कहा कि दिल्ली की कानून-व्यवस्था सीधे तौर पर केंद्र सरकार और गृह मंत्रालय के अधीन है, लेकिन अफसोस की बात है कि केंद्र सरकार इस स्थिति को सुधारने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है।
केजरीवाल ने आगे कहा कि दिल्ली की जनता आज अपराधियों के रहमो-करम पर जीने को मजबूर है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सुरक्षा देने के बजाय सिर्फ राजनीति कर रही है। इससे पहले भी, नारैना में हुई हत्याओं और नेब सराय में ट्रिपल मर्डर जैसी घटनाओं पर केजरीवाल ने केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए थे।
बढ़ते अपराध पर राजनीति
आम आदमी पार्टी लगातार यह मुद्दा उठा रही है कि दिल्ली में अपराधियों को खुली छूट मिली हुई है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। वहीं, दूसरी ओर पुलिस अपनी सक्रियता बढ़ाने के लिए नए सुरक्षा प्लान, जैसे ‘विजिबल पुलिसिंग’ और फुट पेट्रोलिंग का दावा कर रही है। हालांकि, जमीन पर अपराध की बढ़ती संख्या सरकार के इन दावों पर सवालिया निशान लगा रही है।
आम जनता में डर का माहौल
राजधानी में रोजाना आने वाली डरावनी खबरें—चाहे वो झपटमारी हो, हत्या हो या चोरी—ने दिल्ली के निवासियों को असुरक्षित महसूस करने पर मजबूर कर दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में कानून-व्यवस्था का मुद्दा दिल्ली की राजनीति में सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा। फिलहाल, जनता के बीच बढ़ती असुरक्षा और अपराधियों के हौसले दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय के लिए एक बड़ी चुनौती बन गए हैं।