दिल्ली सरकार की नई ईवी नीति (2026-2030) के ड्राफ्ट से ऑटो सेक्टर में हलचल। पेट्रोल और सीएनजी वाहनों पर प्रतिबंध के प्रस्ताव से एथर और जेबीएम ऑटो के शेयर बढ़े।
दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने अपनी नई इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति 2026-2030 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इस नीति में प्रदूषण कम करने और क्लीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए बेहद आक्रामक लक्ष्य रखे गए हैं। इस खबर के आते ही सोमवार, 13 अप्रैल को शेयर बाजार में इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में शानदार तेजी देखी गई।
बाजार का हाल: EV कंपनियों के शेयरों में रौनक
सरकार के इस बड़े फैसले का सीधा असर ऑटो सेक्टर के स्टॉक्स पर पड़ा:
- एथर एनर्जी (Ather Energy): कंपनी के शेयर 5 प्रतिशत से ज्यादा उछलकर 906.80 रुपये पर पहुंच गए।
- JBM ऑटो: इसमें 2.5 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई और यह 626.85 रुपये पर बंद हुआ।
- ऑलेक्ट्रा ग्रीनटेक (Olectra Greentech): इसके शेयरों में भी लगभग 3 प्रतिशत की बढ़त रही और यह 1,218.85 रुपये पर कारोबार करता दिखा।
पेट्रोल और सीएनजी वाहनों पर चरणबद्ध प्रतिबंध का प्रस्ताव
नई ड्राफ्ट पॉलिसी में जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuel) से चलने वाले वाहनों को धीरे-धीरे हटाने का कड़ा प्रस्ताव दिया गया है:
- अप्रैल 2028 से: नए पेट्रोल टू-व्हीलर्स (दोपहिया वाहनों) के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने का सुझाव है।
- जनवरी 2027 से: नए सीएनजी थ्री-व्हीलर्स (तिपहिया वाहनों) के पंजीकरण को बंद करने का प्रस्ताव है।
सरकार का मानना है कि दिल्ली में दोपहिया वाहन प्रदूषण का एक बड़ा स्रोत हैं। यह फैसला विशेष रूप से डेली कम्युटर्स और गिग वर्कर्स (जैसे डिलीवरी पार्टनर्स) को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर रुख करने के लिए मजबूर करेगा।
सब्सिडी नहीं, अब टैक्स में मिलेगी राहत
दिल्ली की नई ईवी नीति में निजी कार खरीदारों के लिए सीधे कैश सब्सिडी का प्रस्ताव नहीं है, लेकिन अन्य वित्तीय लाभ दिए गए हैं:
- EV पर रोड टैक्स की पूरी छूट: इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को सड़क कर (Road Tax) नहीं देना होगा।
- हाइब्रिड कारों को प्रोत्साहन: 30 लाख रुपये तक की हाइबिड कारों पर रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की रियायत दी जाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, “प्रस्तावित दिल्ली ईवी ड्राफ्ट पॉलिसी 2026 राजधानी में एक स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन प्रणाली स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हमने दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया है।”
10 मई तक मांगी गई जनता की राय
सरकार ने इस ड्राफ्ट को सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया है। लोग और स्टेकहोल्डर्स 10 मई तक इस नीति पर अपना सुझाव या फीडबैक दे सकते हैं। 30 दिनों के इस परामर्श सत्र के बाद नीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।