दिल्ली में दुर्गा पूजा के दौरान सीआर पार्क, मातृ मंदिर, कश्मीरी गेट और आराम बाग समेत कई जगहों पर भव्य आयोजन होते हैं। जानें पंडाल घूमने के लिए प्रमुख स्थान।
दिल्ली में दुर्गा पूजा का इंतजार शुरू होते ही राजधानी का माहौल ढाक की गूंज, रंग-बिरंगी रोशनी, खूबसूरत सजावट और भव्य पंडालों से जगमगाने लगता है। दुर्गा पूजा सिर्फ देवी दुर्गा की आराधना का पर्व नहीं है, बल्कि यह कला, संस्कृति, संगीत, नृत्य और खान-पान का भी शानदार उत्सव है। अगर आप इस बार पूजा के दौरान पंडाल घूमने, दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताने और अलग-अलग तरह के बंगाली व्यंजनों का स्वाद लेने का प्लान बना रहे हैं, तो दिल्ली में कई ऐसे स्थान हैं जिन्हें अपनी सूची में शामिल किया जा सकता है। दक्षिण दिल्ली के चित्तरंजन पार्क से लेकर ऐतिहासिक कश्मीरी गेट और मध्य दिल्ली के आराम बाग तक, राजधानी में दुर्गा पूजा का रंग अलग-अलग अंदाज में देखने को मिलता है।
चित्तरंजन पार्क: दिल्ली का मिनी बंगाल
दिल्ली में दुर्गा पूजा की बात हो और चित्तरंजन पार्क यानी सीआर पार्क का नाम न आए, ऐसा संभव नहीं है। इसे अक्सर दिल्ली का ‘मिनी बंगाल’ कहा जाता है और पूजा के दिनों में यहां का माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो जाता है। इलाके में कई बड़े पूजा पंडाल सजाए जाते हैं, जहां मां दुर्गा की प्रतिमा के दर्शन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत और रोशनी का आनंद लिया जा सकता है।
सीआर पार्क की खासियत यह है कि यहां घूमने के लिए सिर्फ एक पंडाल नहीं है। बी ब्लॉक पूजा, कोऑपरेटिव ग्राउंड, मेला ग्राउंड और नवरपल्ली जैसे कई पूजा आयोजन आसपास ही देखने को मिलते हैं। ऐसे में आप एक ही शाम में अलग-अलग पंडालों की सजावट और थीम का आनंद ले सकते हैं।
बी ब्लॉक: खूबसूरत सजावट और शानदार पंडाल
सीआर पार्क का हिस्सा होने के बावजूद बी ब्लॉक दुर्गा पूजा को अलग से अपनी सूची में शामिल किया जा सकता है। यहां पंडाल की सजावट और कलात्मक प्रस्तुति लोगों का ध्यान आकर्षित करती है। पंडाल की बारीक कारीगरी, रोशनी और सजावट इसे घूमने और तस्वीरें लेने के लिए आकर्षक जगह बनाती हैं।
शाम के समय जब रोशनी से पूरा परिसर जगमगा उठता है, तब यहां का माहौल और भी खास हो जाता है। बी ब्लॉक को सीआर पार्क के दूसरे पूजा पंडालों के साथ आसानी से जोड़ा जा सकता है, इसलिए यह पंडाल घूमने वालों के लिए सुविधाजनक पड़ाव है।
मातृ मंदिर, सफदरजंग एन्क्लेव: परंपरा और संस्कृति का संगम
अगर आप दुर्गा पूजा में केवल भव्य सजावट के बजाय परंपरा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अनुभव करना चाहते हैं, तो सफदरजंग एन्क्लेव का मातृ मंदिर एक अच्छा पड़ाव हो सकता है। यहां दुर्गा पूजा लंबे समय से आयोजित की जाती रही है और संगीत, नृत्य तथा नाट्य प्रस्तुतियां इस आयोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहती हैं।
इस वर्ष मातृ मंदिर अपनी 60वीं दुर्गा पूजा मना रहा है। इसलिए दिल्ली की पूजा परंपरा और उसके इतिहास को करीब से समझने वाले लोगों के लिए यह स्थान विशेष रुचि का हो सकता है। सीआर पार्क के अपेक्षाकृत बड़े और भीड़भाड़ वाले आयोजनों से अलग यहां पूजा के सामुदायिक और सांस्कृतिक पक्ष का अनुभव किया जा सकता है।
कश्मीरी गेट: इतिहास के बीच दुर्गा पूजा
दुर्गा पूजा के साथ अगर आप दिल्ली के इतिहास को भी महसूस करना चाहते हैं, तो कश्मीरी गेट का रुख किया जा सकता है। यहां होने वाली दुर्गा पूजा को राजधानी के पुराने पूजा आयोजनों में गिना जाता है और इसमें पारंपरिक माहौल की झलक देखने को मिलती है।
कश्मीरी गेट दिल्ली के ऐतिहासिक इलाकों में शामिल है, इसलिए पूजा पंडाल घूमने के साथ आसपास की विरासत और पुराने शहर के वातावरण को भी महसूस किया जा सकता है। यहां का अनुभव उन लोगों के लिए खास हो सकता है जो भव्य सजावट के साथ पूजा की पारंपरिक भावना और सामुदायिक जुड़ाव को देखना चाहते हैं।
आराम बाग: मध्य दिल्ली में पूजा का उत्सवी रंग
दक्षिण दिल्ली से आगे निकलकर मध्य दिल्ली की दुर्गा पूजा देखना चाहते हैं तो आराम बाग को भी अपनी सूची में शामिल कर सकते हैं। झंडेवालान और करोल बाग के आसपास स्थित आराम बाग में दुर्गा पूजा के दौरान रोशनी, सजावट और स्थानीय लोगों की भागीदारी से माहौल खास हो जाता है।
शाम के समय यहां परिवारों, श्रद्धालुओं और दूसरे आगंतुकों की अच्छी-खासी मौजूदगी रहती है। पूजा पंडालों के साथ खाने-पीने के स्टॉल भी उत्सव का हिस्सा बनते हैं, इसलिए यहां घूमने के दौरान बंगाली व्यंजनों का स्वाद लेना भी पूजा के अनुभव को और यादगार बना सकता है।
पंडाल घूमने का कैसे बनाएं प्लान?
अगर आप एक ही शाम में कई पंडाल देखना चाहते हैं, तो सीआर पार्क का सर्किट सबसे सुविधाजनक विकल्प हो सकता है। बी ब्लॉक से शुरुआत करके आसपास के दूसरे पूजा पंडालों तक पैदल या स्थानीय परिवहन के जरिए पहुंचा जा सकता है। वहीं, अलग तरह का सांस्कृतिक अनुभव लेने के लिए मातृ मंदिर और ऐतिहासिक माहौल के लिए कश्मीरी गेट का रुख किया जा सकता है। मध्य दिल्ली की पूजा का रंग देखने वालों के लिए आराम बाग भी एक विकल्प है।
दुर्गा पूजा के दौरान दिल्ली में सिर्फ पंडाल ही आकर्षण नहीं होते। ढाक की आवाज, रोशनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक परिधान और बंगाली पकवान मिलकर इस त्योहार को खास बनाते हैं। इसलिए इस बार दोस्तों या परिवार के साथ पंडाल घूमने की योजना बनाएं, आरामदायक कपड़े और जूते पहनें और राजधानी के अलग-अलग इलाकों में सजे पूजा पंडालों के जरिए दुर्गा पूजा की विविधता का आनंद लें।