दिल्ली में स्वास्थ्य घोटाले को लेकर विधायक कुलदीप कुमार ने सरकार को घेरा। दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी और सरकारी पहचान मिटाने पर उठाए सवाल।
दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर बड़े विवादों के घेरे में है। आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार ने भाजपा सरकार पर दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में दवाओं की खरीद और वितरण में भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने 650 करोड़ रुपये के कथित स्वास्थ्य घोटाले पर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं।
सरकारी दवाओं से पहचान मिटाना भ्रष्टाचार का प्रमाण
विधायक कुलदीप कुमार ने आरोप लगाया है कि सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध दवाओं के पैकेट से ‘दिल्ली सरकार की आपूर्ति – बिक्री के लिए नहीं’ (Delhi Govt Supply – Not For Sale) जैसे पहचान चिह्न हटा दिए गए हैं। उन्होंने इसे एक बड़ी साजिश बताते हुए कहा कि यह सरकारी खजाने के पैसे को निजी लाभ के लिए इधर-उधर करने की एक सोची-समझी रणनीति है।
ओआरएस (ORS) की कीमतों में भारी वृद्धि
भाजपा का दवा घोटाला…
सरकारी अस्पतालों की दवाइयों से “Delhi Govt Supply – Not For Sale” जैसी पहचान गायब होने से दवाओं के घोटाले का संकेत मिलता है।
साथ ही ORS की कीमतों में भारी इजाफे से सरकार की कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
क्या सरकारी दवाइयों की खरीद और वितरण… pic.twitter.com/0bop8D4ASV
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) July 3, 2026
कुलदीप कुमार ने ORS के पैकेट की कीमतों में हुई अप्रत्याशित बढ़ोतरी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस ORS का बाजार मूल्य बहुत कम है, उसे सरकार द्वारा अत्यधिक ऊंची दरों पर खरीदा गया, जो सीधे तौर पर जनता के टैक्स के पैसों की लूट है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मुनाफा कमाने का जरिया बना दिया है।
कौन लेगा जवाबदेही?
विधायक ने कहा, “क्या दवाओं की खरीद और वितरण के नाम पर कोई बड़ा खेल चल रहा है? दिल्ली की जनता जानना चाहती है कि आखिर ये पैसा किसकी जेब में जा रहा है? सरकारी अस्पतालों में मरीजों के इलाज के नाम पर चल रहा यह घोटाला भाजपा सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।” कुलदीप कुमार ने सरकार से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में हाल ही में उजागर हुए ₹600-650 करोड़ के कथित घोटाले के बाद से ही आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। जहां एक ओर ‘आप’ इसे सरकारी धन की लूट बता रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा सरकार का कहना है कि उन्होंने शिकायतों के बाद जांच शुरू की है और दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की है।