दिल्ली में मानसून के दौरान जलभराव की पुरानी समस्या को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने साफ किया कि अगर किसी क्षेत्र में जलभराव पाया गया, तो संबंधित अभियंता को तुरंत निलंबित किया जाएगा। इसके लिए कनिष्ठ अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता तक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
नोडल अधिकारियों को एक हफ्ते में दें एक्शन प्लान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्देश दिए हैं कि सभी नोडल अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों के लिए एक सप्ताह में ठोस कार्य योजना (Action Plan) प्रस्तुत करें। मिंटो ब्रिज, पुल प्रह्लादपुर अंडरपास, WHO रिंग रोड, जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन रोड, जखीरा फ्लाईओवर, लोनी रोड और कराला-कंझावला जैसे 7 अति संवेदनशील जलभराव क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
जलभराव वाले 335 स्थानों में से 284 पर कार्य पूर्ण
ट्रैफिक पुलिस द्वारा चिन्हित 335 जलभराव स्थलों में से 284 पर सुधार कार्य पूरा कर लिया गया है। शेष पर कार्य प्रगति पर है। इन सभी प्वाइंट्स पर सहायक व कनिष्ठ अभियंताओं को पूरी जिम्मेदारी दी गई है—जलनिकासी, मशीनरी, रियल टाइम निगरानी और इमरजेंसी रिस्पांस का।
मानसून से पहले पूरी हो जरूरी तैयारियां
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों से कहा है कि सिर्फ पुलिस रिपोर्ट पर निर्भर न रहकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से भी नए जलभराव स्थलों की पहचान करें। नालों की सफाई, मरम्मत और ड्रेनेज सुधार कार्य शीघ्रता से पूरा किया जाए। इसके अलावा मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी लागू की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।
24×7 तैनात रहेंगे पंप ऑपरेटर, बनाया जाएगा अस्थायी ठिकाना
प्रत्येक जलभराव प्वाइंट पर पंप ऑपरेटर तीन शिफ्टों में 24 घंटे तैनात रहेंगे। इन कर्मचारियों के लिए उसी स्थान पर मानसून के दौरान अस्थायी आवास की सुविधा भी की जा रही है, ताकि तेजी से रिस्पॉन्स सुनिश्चित किया जा सके।
31 मई तक 1,400 किमी नालों की सफाई का लक्ष्य
दिल्ली को 35 ज़ोनों में बांटकर डिसिल्टिंग का कार्य जोरों पर है। अब तक 50 किमी नालों की सफाई हो चुकी है और 31 मई तक 1,400 किमी का लक्ष्य रखा गया है। सभी एजेंसियों को बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
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