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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दिल्ली दौरे पर हैं। नीति आयोग की बैठक, DGP नियुक्ति और कैबिनेट विस्तार जैसे अहम मुद्दों पर हो सकती है चर्चा। पढ़ें पूरी खबर।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज दिल्ली दौरे पर हैं, जहां वे नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल मीटिंग में शामिल होंगे। यह दौरा कई दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें DGP नियुक्ति, मंत्रीमंडल विस्तार, और भाजपा संगठनात्मक बदलावों जैसे अहम विषयों पर चर्चा हो सकती है।
नीति आयोग की बैठक में लेंगे हिस्सा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ25 मई 2025 को नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में भाग लेंगे, जहां राष्ट्रीय विकास, आर्थिक नीतियां, और सहकारी संघवाद जैसे विषयों पर चर्चा होगी। इसके बाद वे एनडीए मुख्यमंत्रियों की बैठक में भी शामिल होंगे, जिसमें आगामी राजनीतिक रणनीतियों और चुनावी तैयारियों पर मंथन किया जाएगा।
पीएम मोदी और अमित शाह से हो सकती है मुलाकात
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस दिल्ली यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य वरिष्ठ भाजपा नेताओं से मुलाकात की संभावना है। इन बैठकों में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था, विकास योजनाओं, और आगामी पंचायत चुनावों को लेकर विचार-विमर्श किया जा सकता है।
यूपी में DGP नियुक्ति को लेकर सुर्खियां
उत्तर प्रदेश में नए डीजीपी की नियुक्ति एक प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। मौजूदा कार्यवाहक DGP प्रशांत कुमार का कार्यकाल 31 मई 2025 को समाप्त हो रहा है। योगी सरकार ने हाल ही में DGP चयन नियमावली 2024 को मंजूरी दी है, जिसके तहत योग्य IPS अधिकारियों की नियुक्ति पर विचार किया जाएगा। वहीं, यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रशांत कुमार का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है।
कैबिनेट विस्तार और संगठनात्मक बदलाव संभव
लंबे समय से लंबित मंत्रीमंडल विस्तार पर भी इस यात्रा में चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेता और विधायक दिल्ली में पैरवी कर रहे हैं। इसके अलावा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की नियुक्ति पर भी मंथन हो सकता है।
पंचायत चुनाव और 2027 विधानसभा की रणनीति पर फोकस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यात्रा का एक मुख्य उद्देश्य आगामी पंचायत चुनाव 2026 और विधानसभा चुनाव 2027 के लिए राजनीतिक रणनीति तय करना भी हो सकता है। भाजपा हाईकमान इन चुनावों में अपनी स्थिति को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार और संगठन में आवश्यक बदलाव कर सकता है।
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