तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय आज विधानसभा में बहुमत साबित करेंगे। 121 विधायकों के समर्थन और AIADMK में मची अंदरूनी कलह के बीच यह फ्लोर टेस्ट राज्य की राजनीति को नया मोड़ दे सकता है।
तमिलनाडु की राजनीति के लिए आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री और ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय बुधवार को राज्य विधानसभा में फ्लोर टेस्ट (बहुमत परीक्षण) का सामना करेंगे। हाल ही में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद विजय के लिए अपनी सरकार की स्थिरता साबित करने की यह पहली बड़ी संवैधानिक चुनौती है। इस शक्ति प्रदर्शन से पहले सचिवालय परिसर में गहमागहमी तेज हो गई है और सभी दलों के विधायक विधानसभा पहुँचने लगे हैं।
संख्या बल: TVK और सहयोगियों का गणित
मुख्यमंत्री विजय ने राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश करते समय जरूरी आंकड़े पेश किए थे। हालिया चुनावों में उनकी पार्टी TVK ने 108 सीटें जीती थीं। बहुमत के जादुई आंकड़े तक पहुँचने के लिए उन्हें कांग्रेस (5 सीटें), CPI, CPI(M), VCK और IUML (प्रत्येक की 2 सीटें) का समर्थन प्राप्त हुआ है। इस गठबंधन की कुल संख्या 121 तक पहुँच गई है, जो सदन में बहुमत साबित करने के लिए पर्याप्त है। गठबंधन के सभी विधायक एकजुट नजर आ रहे हैं, जिससे विजय खेमे में विश्वास दिखाई दे रहा है।
AIADMK में दरार: दो गुटों में बंटने की चर्चा
जहाँ एक ओर सरकार अपना बहुमत साबित करने की तैयारी में है, वहीं मुख्य विपक्षी दल AIADMK के अंदरूनी कलह ने मामले को और दिलचस्प बना दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि AIADMK दो धड़ों में बंट सकती है—एक गुट का नेतृत्व सी.वी. षणमुगम कर रहे हैं, जबकि दूसरा गुट पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) के साथ है। षणमुगम ने आरोप लगाया है कि पार्टी के अधिकांश सदस्यों ने DMK के समर्थन से सरकार बनाने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। इस बीच, मुख्यमंत्री विजय का मंगलवार को षणमुगम के कार्यालय जाना राज्य में नए विधायी समीकरणों की ओर इशारा कर रहा है।
विप (Whip) जारी और अयोग्य ठहराने की चेतावनी
पार्टी में संभावित टूट को देखते हुए AIADMK नेतृत्व ने अपने विधायकों के लिए विप (Whip) जारी किया है। पार्टी के राज्यसभा सांसद आई.एस. इन्बादुरै ने स्पष्ट किया है कि आधिकारिक निर्देश के खिलाफ जाने वाले किसी भी विधायक को दलबदल विरोधी कानून (10वीं अनुसूची) के तहत अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। हालांकि, EPS गुट के विधायकों का दावा है कि बहुमत उनके साथ है और पलानीस्वामी के नेतृत्व में सभी सदस्य एकजुट रहेंगे। वहीं, AMMK नेता टीटीवी दिनाकरण ने अपने विधायक एस. कामराज को TVK सरकार का समर्थन करने पर पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
सत्ता और अस्तित्व की लड़ाई
आज का फ्लोर टेस्ट केवल विजय के लिए संख्या बल साबित करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह NDA गठबंधन का हिस्सा रही AIADMK के अस्तित्व की भी परीक्षा है। 47 सीटों वाली AIADMK के लिए अपनी एकजुटता बचाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। यदि विजय आसानी से बहुमत साबित कर देते हैं, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की ठोस शुरुआत होगी और विपक्ष के लिए भविष्य की राह और कठिन हो जाएगी।