सौरभ भारद्वाज ने सीएम रेखा गुप्ता से निजी स्कूलों, निजी स्कूल शुल्क विनियमन अधिनियम और डीपीएस स्कूल के खिलाफ एफआईआर न होने पर सवाल उठाए।
सौरभ भारद्वाज ने राज्य के निजी स्कूलों के संचालन और उनकी जवाबदेही को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि कितने अभिभावक आर्थिक या संसाधनों की कमी के कारण हाईकोर्ट तक अपनी बात पहुंचा पाते हैं और क्या सरकार ऐसे माता-पिता के अधिकारों की रक्षा कर रही है।
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भारद्वाज ने यह भी सवाल किया कि भाजपा सरकार उन निजी स्कूलों के खिलाफ क्यों कार्रवाई नहीं कर रही है जो छात्रों और अभिभावकों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने “निजी स्कूल शुल्क विनियमन अधिनियम” की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठाया और जानना चाहा कि क्या यह कानून वास्तव में माता-पिता और छात्रों के अधिकारों की रक्षा कर पा रहा है या नहीं।
Questions for CM @gupta_rekha
How many Pvt school parents can afford money & resources to approach High Court ?
Why is BJP Govt not acting against this rogue schools ?
What happened to their “Pvt School Fees Regulation Act” , is it so ineffective ?
Why has there been on FIR… pic.twitter.com/2HRZ2ZVpCC
— Saurabh Bharadwaj (@Saurabh_MLAgk) April 7, 2026
सौरभ भारद्वाज ने यह भी जोर देकर पूछा कि डीपीएस स्कूल जैसे प्रतिष्ठित निजी संस्थानों के खिलाफ अब तक कोई एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यह सवाल केवल नियमों के पालन और शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए है।
इन सवालों ने राज्य में निजी स्कूलों के संचालन, उनके नियमों का पालन और सरकार की भूमिका पर नई बहस को जन्म दिया है। शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना अब अभिभावकों और छात्रों की प्राथमिकता बन चुका है।