मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री-अधिकारी सड़कों पर जलभराव का जायजा लेने पहुंचे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और कैबिनेट मंत्री-अधिकारी सड़कों पर जलभराव का जायजा लेने पहुंचे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मजनू का टीला सहित दिल्ली के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति की जांच की। उनका कहना था कि जनता को जलभराव से होने वाली असुविधा चिंता का विषय है, लेकिन पूर्ववर्ती सरकार ने ध्वस्त संरचना दी है, जिसे सुधारने में समय लगेगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, कैबिनेट मंत्री और अधिकारी सवेरे से ही ग्राउंड जीरो पर पहुंचे, जहां आंधी तूफान और भारी बारिश से राजधानी के कई इलाकों में जलभराव हुआ था।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मजनू का टीला सहित दिल्ली के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति की जांच की। उनका कहना था कि जनता को जलभराव से होने वाली असुविधा चिंता का विषय है, लेकिन पूर्ववर्ती सरकार ने ध्वस्त संरचना दी है, जिसे सुधारने में समय लगेगा।
हाल की स्थिति को देखते हुए, उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जलभराव वाले क्षेत्रों की तुरंत पहचान की जाए और जल निकासी की व्यवस्था की जाए। हमारी सरकार फेल इंफ्रास्ट्रक्चर को जलभराव की मुख्य वजह मानती है, न कि मौसमी समस्या।

यह जड़ से ठीक होना चाहिए। सड़कों, नाले-नालियों और ऊंची-नीची सड़कों को ठीक करना होगा। जलभराव वाले क्षेत्रों को तत्काल राहत देने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। नालों, सड़कों और जल निकासी में लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।

बेमौसम बारिश चेतावनी: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि ये बारिश सभी संबंधित विभागों को चेतावनी है कि मानसून में हालात और खराब हो सकते हैं अगर नालों की सफाई से लेकर सड़कों की मरम्मत तक ठोस कदम नहीं उठाए गए। पीडब्लूडी, एमसीडी, दिल्ली जल बोर्ड और शहरी विकास विभाग को निर्देश दिया गया कि वे सभी जलभराव वाले स्थानों की सूची बनाकर समन्वय के साथ जलभराव की समस्या को हल करने के लिए तेजी से काम करें। टूटी या खुदी सड़कों की मरम्मत तुरंत शुरू की जाए।

विशेष स्वच्छता अभियान में कमियां दूर करें

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जल जमाव की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार से दो सप्ताह के विशेष स्वच्छता अभियान के तहत सभी ड्रेनों को साफ किया जाएगा। लापरवाही होगी नहीं। हर अधिकारी को बताया गया है कि क्या करना चाहिए। अब उत्तरदायित्व भी उतनी ही स्पष्ट होगी। हम चाहते हैं कि दिल्ली हर समय स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित शहर का अनुभव करें।

जलभराव की 90% समस्या का दो घंटे में समाधान: पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कहा कि शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश से राष्ट्रीय राजधानी में जगह-जगह जलभराव हुआ। इससे भी ट्रैफिक जाम हुआ। मंत्री प्रवेश वर्मा, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), मिंटो रोड सहित कई जलभराव वाले स्थानों का दौरा किया। मंत्री ने अधिकारियों के साथ जलभराव की स्थिति की जांच की। PWD की कंट्रोल रूम टीमें, मोबाइल पंप यूनिट, सुपर सक्शन मशीनें, बेल माउथ क्लीनिंग टीमें और क्षेत्रीय अधिकारी पूरी रात और सुबह सक्रिय रहे।

सरकार कहती है कि पीडब्ल्यूडी की सतर्कता और तेज कार्रवाई के चलते 90 प्रतिशत से अधिक शिकायतों को दो घंटे के भीतर हल किया गया है। जानकारों का कहना है कि पीडब्ल्यूडी और अन्य संस्थाएं इस बारिश से पहले अपनी मानसून तैयारियों को देखना चाहिए।

इन जगहों पर जलभराव

पटपड़गंज, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, सत्यम चौक, मंडावली और डब्ल्यू-ब्लॉक मयूर विहार में जलभराव हुआ। हेवी मैनहोल्स को यहां पर पंप करके 30 से 45 मिनट में समस्या का समाधान किया गया। जलभराव लोनी रोड, न्यू सीलमपुर, ओल्ड जीटी रोड और गुरुद्वारा रोड पर होता है। यहां पर वैन और मैन्युअल सफाई से जल निकासी की गई।

एमबी रोड, अमर कॉलोनी, टिगरी, खानपुर, बदरपुर में जलभराव। यहां पर स्थायी पंपिंग व्यवस्था की जा रही है। एसएन मार्ग, अगस्त क्रांति मार्ग, चिराग दिल्ली फ्लाईओवर, रिंग रोड पर हुए जलभराव को बेल माउथ और मैनुअल क्लीनिंग से 15–30 मिनट में जलभराव दूर किया गया। गीता कॉलोनी, नारायणा, बल्लीमारान, मायापुरी और आरके पुरम में हल्का-मध्यम जलभराव हुआ; आउटर रिंग रोड, पंचशील मार्ग, पावर हाउस और रिंग रोड क्षेत्रों में फ्लोटिंग कचरे से जलभराव हुआ। यहां पर भी पंप लगाया गया था और सफाई से जल निकाला गया था।

वहीं डीसीएम चौक, मिंटो रोड, राम झूला रोड और पंचकुइयां रोड में जलभराव हुआ क्योंकि ड्रेनेज क्षमता कम थी। मिंटो रोड पर स्थायी पंपिंग स्टेशन ने समस्या को जल्दी हल किया। टीमरपुर, निजामुद्दीन, आईपी एस्टेट, रिंग रोड और खालसा कॉलेज में जलभराव की शिकायतें मिली। यहां पर जल निकासी के लिए सुपर सक्शन मशीन और गेट खोला गया। DJB के सहयोग से रोड नंबर 59, नंद नगरी, दिलशाद गार्डन, शिवाजी पार्क, सीमा पुरी, गांधी नगर और झिलमिल औद्योगिक क्षेत्र में पंपिंग की गई। 2 घंटे के भीतर हर जगह पानी से मुक्त हो गया।

विभिन्न एजेंसियों की तैयारी की खुली पोल

दिल्ली में मानसून के दौरान होने वाले जलभराव की चिंता भी जारी है। मानसून से पहले हुई तेज वर्षा ने लोक निर्माण विभाग और दिल्ली नगर निगम की तैयारी पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। नगर निगम के किशनगंज अंडरपास में बस डूबने वाली स्थिति में पानी भर गया, इसके अलावा कई अन्य स्थानों पर सड़कें खराब हो गईं।

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