मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण में विदेशी मेहमानों का किया स्वागत, उत्तराखंड बना वैश्विक योग और आयुष राजधानी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण में विदेशी मेहमानों का किया स्वागत, उत्तराखंड बना वैश्विक योग और आयुष राजधानी

उत्तराखंड में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर भराड़ीसैंण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विदेशी राजदूतों का स्वागत किया। उत्तराखंडी टोपी पहनाकर किया सम्मान, योग और आयुर्वेद को वैश्विक मंच देने की दिशा में उठाए कदम।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में भाग लेते हुए मेक्सिको, फिजी, नेपाल, रूस, श्रीलंका समेत आठ देशों के राजदूतों व प्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान सभी विदेशी मेहमानों को उत्तराखंडी टोपी और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी  ने कहा कि “बाबा केदार की पवित्र भूमि से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उत्तराखंड को ‘इस दशक का राज्य’ बताया जाना हमारे लिए प्रेरणा और संकल्प का उद्घोष है।” उन्होंने योग, आयुर्वेद और वेलनेस सेक्टर में उत्तराखंड की भूमिका को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने के प्रयासों की जानकारी दी।

उत्तराखंड – योग और आयुर्वेद का विश्व मंच बनने की ओर अग्रसर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड का शुद्ध वातावरण, हिमालयी जैव विविधता, और आध्यात्मिक चेतना योग और आयुर्वेद के लिए आदर्श है। यहां 100 वर्षों से भी अधिक पुराने आयुर्वेदिक संस्थान जैसे ऋषिकुल और गुरुकुल आयुर्वेद महाविद्यालय न केवल ज्ञान का प्रचार कर रहे हैं बल्कि पीढ़ियों से आयुर्वेदिक चिकित्सा परंपरा को जीवित रखे हुए हैं।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड औषधीय पौधों जैसे कुटकी, जटामांसी और तिमूर का भंडार है और यहां के पारंपरिक सुपरफूड्स – मंडुवा, झंगोरा, भट्ट, बिच्छुघास आदि का पैकेजिंग और वैश्विक मार्केटिंग के लिए विस्तार किया जा सकता है।

विदेशी मेहमानों ने सराहा उत्तराखंड का वेलनेस विजन

इस भव्य आयोजन में भारत में तैनात मेक्सिको, फिजी, नेपाल, रूस, श्रीलंका, लातविया, मंगोलिया, और सूरीनाम के राजनयिक उपस्थित रहे। सभी मेहमानों ने उत्तराखंड के सांस्कृतिक एवं योग परंपरा की सराहना की और भारत के वेलनेस मिशन से गहरे जुड़ाव की बात कही।

उत्तराखंड की संस्कृति और योग साधना की जीवंत प्रस्तुति

कार्यक्रम में उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी भव्य रूप से प्रस्तुत किया गया। नंदा देवी राजजात, झोड़ा-छपेली, नाटी और अन्य गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी लोकनृत्यों ने मेहमानों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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