मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस महानिदेशक से लेकर सभी जिलों के एसएसपी और एसपी से सीधे बातचीत की, जो लगभग तीन घंटे चली।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की पुलिस को जनता से अधिक करीब लाने और कानून व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में राज्य स्तरीय पुलिस संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड को शांतिप्रिय राज्य के रूप में जाना जाता है और इसे अपराधियों की शरणस्थली नहीं बनने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस को सख्त हिदायत दी कि वे लोगों से अच्छी तरह से व्यवहार करें और जमीनी विवादों सहित किसी भी अवैध कार्य से दूर रहें। उन्होंने पुलिस महानिदेशक को स्पष्ट रूप से कहा कि यदि कोई पुलिसकर्मी जमीन पर अवैध गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ सबसे कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों के खिलाफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि अवैध घुसपैठियों को फर्जी प्रमाण पत्र देने वालों को भी सजा नहीं दी जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस से ऐसे मामलों की पहचान कर तुरंत कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने यह भी कहा कि ड्रग्स माफिया के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जाए और नशे के जाल को तोड़ने के लिए विशेष अभियानों को तेज किया जाए।
पुलिस मुख्यालय (देहरादून) में देर रात तक चली बैठक के दौरान कानून व्यवस्था के संबंध में अधिकारियों को ड्रग माफियाओं एवं प्रदेश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी घुसपैठियों के साथ ही फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस थानों में जनसुनवाई… pic.twitter.com/rqCzRdFmtG
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) April 17, 2025
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस महानिदेशक से लेकर सभी जिलों के एसएसपी और एसपी से सीधे बातचीत की, जो लगभग तीन घंटे चली। इस दौरान कई अधिकारियों से सवाल-जवाब किए गए और कार्यप्रणाली को तेज करने के लिए निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि राज्यवासियों का भरोसा बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्हें चाहिए था कि पुलिस की कार्यशैली में सुधार हो, जनता से संवाद बढ़ाया जाए और थानों में जनसुनवाई की प्रणाली को मजबूत किया जाए, ताकि आम आदमी को न्याय समय पर मिल सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जिले के एसएसपी से कैंची धाम में पार्किंग और यातायात व्यवस्था के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि अगले दस दिनों के भीतर कैंची धाम में हेलीपैड बनाया जाए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वे 10 दिन बाद इस हेलीपैड को देखेंगे। इसके अलावा, कैंची धाम में पार्किंग सुविधाओं सहित पर्यटन को विकसित करने वाले अन्य प्रस्तावों को तुरंत प्रस्तुत करने को भी कहा गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साइबर अपराध के मामलों में एफआईआर दर्ज करने में देरी को गंभीरता से लेते हुए पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। उन्हें साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए, उन्होंने जनजागरूकता अभियान चलाने की सलाह दी ताकि लोग समय रहते सतर्क रहें और साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बचें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिसकर्मियों के लिए थानों के आसपास आवासीय सुविधाओं की स्थापना पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि थानों को जल्द ही आधुनिक बनाने का काम पूरा किया जाए ताकि पुलिस बल आधुनिक सुविधाएं पाकर अपने कर्तव्यों को बेहतर ढंग से निभा सकें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून सहित पूरे प्रदेश में सीसीटीवी कैमरों की उपस्थिति का आकलन करने का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि सभी जिलों में आवश्यकतानुसार सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। ताकि अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके और कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके, प्रदेशभर में एक मजबूत निगरानी नेटवर्क बनाया जाएगा।
सचिव गृह और डीजीपी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऊधमसिंह नगर में प्रस्तावित फॉरेंसिक लैब की स्थापना में भारत सरकार से सहयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने प्रत्येक आईपीएस अधिकारी को निर्देश दिया कि वह अपनी पहली पोस्टिंग के थाने को अपने हाथ में ले और लगातार उसकी निगरानी और देखभाल करे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजस्व पुलिस को रेगुलर पुलिस में शीघ्र शामिल करने का भी आदेश दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्यटन सीजन और चारधाम यात्राओं को देखते हुए नैनीताल में अस्थायी पार्किंग और शटल सेवा शुरू करने के निर्देश दिए। उनकी बैठक में परिवहन विभाग ने यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा सीजन के दौरान सर्वश्रेष्ठ पार्किंग और यातायात मॉडल बनाए जाएंगे, जो अन्य राज्यों को भी प्रेरित करेंगे।
यात्रियों को चारधाम मार्गों सहित राज्य के सभी प्रमुख मार्गों पर रूट की स्थिति की जानकारी देने के लिए डिस्प्ले बोर्ड लगाने और एसएमएस सेवा शुरू करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने यात्रा के दौरान वाहनों और यात्रियों का विवरण जमा करने की व्यवस्था भी अनिवार्य करने की मांग की।
सचिव गृह शैलेश बगौली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ और सभी जिलों के एसएसपी, एसपी और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस बैठक में उपस्थित थे।
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