मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बयान, ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लोकतंत्र में नया आयाम बताया

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बयान, ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लोकतंत्र में नया आयाम बताया

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की महत्ता पर जोर देते हुए इसे लोकतंत्र के लिए बड़ा सुधार बताया। जानिए कैसे इससे चुनाव प्रक्रिया बेहतर और विकास कार्य प्रभावित होने से बचेंगे।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ (एक राष्ट्र, एक चुनाव) की आवश्यकता और इसके महत्व पर जोर देते हुए इसे लोकतंत्र को नया आयाम देने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की दूरदर्शी सोच का अभिन्न हिस्सा है और हरियाणा सरकार इस पहल का पूर्ण सैद्धांतिक समर्थन करती है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने न्यू चंडीगढ़ में आयोजित संयुक्त संसदीय समिति की बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से देश में चुनाव प्रक्रिया में सुधार होगा और बार-बार चुनाव कराने से होने वाली समस्याएं दूर होंगी। उन्होंने हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले एक वर्ष में राज्य ने लोकसभा, विधानसभा और नगर निकाय चुनावों का सामना किया, जिससे विकास कार्य प्रभावित हुए और प्रशासनिक मशीनरी चुनावों में व्यस्त रही। इस स्थिति का असर आम जनता पर पड़ा और चुनावों पर खर्च भी अत्यधिक हुआ।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ न केवल संसाधनों की बचत करेगा बल्कि जनता की भी भावना है कि चुनाव एक साथ हों ताकि समय और धन की बर्बादी रोकी जा सके। इससे मतदाताओं की भागीदारी बढ़ेगी और लोकतंत्र मजबूत होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि चुनाव की तिथियां तय करते समय सामाजिक और सांस्कृतिक कारकों जैसे कृषि कार्य, त्योहारी सीजन, विवाह समारोह आदि का ध्यान रखा जाना चाहिए ताकि अधिकतम मतदान सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि बार-बार चुनाव होने से मतदाताओं का उत्साह कम होता है, जिससे मतदान प्रतिशत प्रभावित होता है। यदि चुनाव हर पांच साल में एक बार होंगे तो मतदाता उत्साहित रहेंगे और लोकतंत्र सशक्त होगा। उन्होंने यह भी कहा कि एक साथ लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनाव कराने से प्रशासनिक समन्वय बेहतर होगा, जागरूकता अभियानों में एकरूपता आएगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।

बैठक में संयुक्त संसदीय समिति के कई सदस्यों के साथ हरियाणा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल कौशिक, मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंकज अग्रवाल और अन्य गणमान्य लोग भी उपस्थित थे। यह बैठक संविधान संशोधन विधेयकों और संघ राज्य क्षेत्र कानून संशोधन विधेयकों पर अध्ययन के लिए आयोजित की गई थी।

For more news: Haryana

Related posts

राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात; हरियाणा के विकास पर हुई चर्चा

नायब सिंह सैनी का अंबाला दौरा: कांग्रेस और AAP पर जमकर बरसे, लाडो लक्ष्मी योजना का किया जिक्र

पश्चिम बंगाल में BJP सरकार का शपथ ग्रहण: मंच पर दूसरी पंक्ति में दिखे CM नायब सैनी, ‘हरियाणा मॉडल’ की जीत का दिखा असर

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More