हरियाणा CM नायब सिंह सैनी ने जन्माष्टमी पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं, सत्य-न्याय और कुरुक्षेत्र में दिए गीता संदेश को याद किया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पावन पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके उपदेशों और धर्म एवं न्याय के मार्ग पर चलने के संदेश को मानवता के लिए सदैव प्रासंगिक बताया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जन्माष्टमी ऐसा पवित्र अवसर है, जब हम श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं और उनके दिव्य संदेश का स्मरण करते हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और सत्य तथा न्याय के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
हरियाणा से जुड़ा है श्रीकृष्ण का पवित्र इतिहास
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने जन्माष्टमी के पावन पर्व की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएँ दीं।
“जन्माष्टमी का पर्व ऐसा पवित्र अवसर है, जब हम भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को श्रद्धा और आस्था के साथ याद करते हैं। हरियाणा की पावन धरती भी भगवान श्रीकृष्ण के चरणों से पवित्र हुई।… pic.twitter.com/4Xzfvv068W
— DPR Haryana (@DiprHaryana) September 4, 2026
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की पावन धरती भी भगवान श्रीकृष्ण के चरणों से पवित्र हुई है। महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण ने सत्य और न्याय का साथ देते हुए धर्म की विजय सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र की धरती पर भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिया गया श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश आज भी पूरी मानवता का मार्गदर्शन करता है। गीता का संदेश कर्म, सत्य, कर्तव्य और धर्म के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।
सत्य और न्याय के मार्ग पर चलने का संदेश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके विचारों को आत्मसात करने का अवसर भी है। श्रीकृष्ण का जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में भी सत्य और न्याय का साथ देने तथा अपने कर्तव्य का ईमानदारी से पालन करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में शांति, समृद्धि, सुख और खुशहाली लेकर आए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से पर्व को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाने तथा समाज में आपसी भाईचारा, सद्भाव और प्रेम की भावना को मजबूत करने का संदेश भी दिया।