मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में PMDA की बैठक आयोजित हुई। पंचकूला के समग्र विकास, आधुनिक बुनियादी ढांचे और भावी रणनीति की समीक्षा पर बनी बड़ी योजना।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार राज्य के प्रमुख शहरों को वैश्विक स्तर के मॉडल शहरों में बदलने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही है। इसी कड़ी में पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण (PMDA) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में पीएमडीए द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पंचकूला के समग्र (Integrated) और योजनाबद्ध विकास के लिए ऐसी भावी रणनीति तैयार की जाए, जिससे यह शहर आधुनिकता और नागरिक सुविधाओं के मामले में देश के लिए एक नया बेंचमार्क (मानदंड) बन सके।
सड़कों के सुदृढ़ीकरण, सफाई और आधुनिक सीवरेज नेटवर्क पर जोर
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP की अध्यक्षता में PMDA की महत्वपूर्ण बैठक जारी है।
बैठक में PMDA द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा की जा रही है। पंचकूला के समग्र एवं योजनाबद्ध विकास के लिए भावी रणनीति पर मंथन किया जा रहा है।#PMDA #Panchkula #Haryana #ViksitHaryana pic.twitter.com/uOCfjmMcW7
— DPR Haryana (@DiprHaryana) July 10, 2026
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक के दौरान पंचकूला को सुंदर, स्वच्छ और स्मार्ट सिटी बनाने के विजन पर चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि शहर की सभी आंतरिक और मुख्य सड़कों की स्थिति को उत्कृष्ट बनाए रखा जाए और जहां भी मरम्मत की आवश्यकता है, वहां तुरंत प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू किया जाए। इसके साथ ही, तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए पंचकूला के सीवरेज सिस्टम को अपग्रेड करने, नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित करने और वाटर ड्रेनेज सिस्टम को भविष्य की जरूरतों के अनुसार मजबूत करने की योजनाओं पर मंथन किया गया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘विकसित हरियाणा’ की परिकल्पना में पंचकूला का स्थान बेहद खास है।
तय समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे होंगे विकास प्रोजेक्ट
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि पीएमडीए के अंतर्गत चल रहे सभी प्रोजेक्ट्स में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया से लेकर प्रोजेक्ट के पूरा होने तक एक सख्त टाइमलाइन (समय सीमा) का पालन किया जाए ताकि जनता को इन विकास कार्यों का लाभ बिना किसी देरी के मिल सके। इसके अतिरिक्त, पंचकूला में पर्यटन, खेल और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े ढांचागत सुधारों को भी गति देने की रणनीति पर सहमति बनी है।