मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा: पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ीकरण के सभी कार्य हर हाल में 15 मई से पहले पूरे किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने तापमान में अचानक बढ़ोतरी के बाद जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से पेयजल की मांग और उपलब्धता की स्थिति पर चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि अगर गर्मी में लोगों को पानी की कमी होती है, तो जिम्मेदार अफसरों को न्याय नहीं मिलेगा।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जनता की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि सभी जिला कलक्टरों को कंटीन्जेंसी योजना के अनुसार पेयजल प्रबंधन स्वयं की देखरेख में सुनिश्चित करना चाहिए। उनका कहना था कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत नहीं होनी चाहिए। बैठक में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अंतिम छोर के उपभोक्ताओं को भी पेयजल की कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएचईडी क्षेत्र अधिकारी और कर्मचारी गर्मियों में मुख्यालय पर रहें और बिना आवश्यक अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ें।
नए हैण्डपम्प, नलकूप और पुराने हैण्डपम्प की मरम्मत का काम तेजी से पूरा करें
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि गर्मी की वजह से पेयजल आपूर्ति को सुधारने के लिए 15 मई से पहले हर संभव उपाय किए जाएं, जिसमें नए हैण्डपम्प, नलकूपों की स्थापना, पुराने हैण्डपम्पों की मरम्मत, पाइपलाइनों की मरम्मत और सुधार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पेयजल की समस्या को हल करने के लिए जिला कलक्टरों को एक-एक करोड़ रुपए का अनटाइड धनराशि दी गई है। इस धन से अधिकांश जिलों में स्वीकृतियां जारी कर काम शुरू कर दिए गए हैं। उन्हें शेष जिलों के जिला कलक्टरों को भी शीघ्र स्वीकृतियां देने और काम को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पिछले वर्ष बजट में स्वीकृत सभी हैंडपम्प और नलकूपों को 15 मई से पहले चालू कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस बजट में 1000 नए नलकूपों और 2500 नए हैंडपम्पों की वित्तीय स्वीकृति जल्द ही जारी की जाएगी, ताकि काम शीघ्र शुरू हो सके। बैठक में बताया गया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए अप्रैल में 2 लाख 35 हजार से अधिक हैण्डपम्पों की मरम्मत की गई है। बजट में पिछले वर्ष प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए पांच नलकूप और दसवीं हैण्डपम्प की अनुमति दी गई थी। इस महीने के अंत तक, इनमें से 800 से अधिक नलकूप और 1400 हैण्डपम्प काम करेंगे।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सभी जिलों में गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति की सुचारू व्यवस्था के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 142 करोड़ रुपए के 1244 कार्य और शहरी क्षेत्रों में 68 करोड़ रुपए के 153 कार्य स्वीकृत किए गए हैं. इनमें नलकूपों की गहराई बढ़ाने, पाइप लाइनों को डालने और बदलने, पम्पसेट सहित अन्य मरम्मत कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जो काम अभी तक शुरू नहीं हुए हैं, वे दस दिन के भीतर शुरू कर लिए जाएं और आगामी 15 मई से पहले पूरे कर लिए जाएं। उनका कहना था कि अप्रैल से जुलाई तक गर्मी के पीक सीजन में टैंकरों से पेयजल की मांग को पूरा करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 82 करोड़ रुपए और शहरी क्षेत्रों में 25 करोड़ रुपए की अनुमति दी गई है।
कंट्रोल रूम नंबरों का व्यापक प्रचार करें
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि पीएचईडी अधिकारी बिजली विभाग के अधिकारियों से मिलकर काम करें ताकि पीक लोड, फॉल्ट और बिजली ट्रिपिंग की स्थिति में भी नलकूपों की विद्युत आपूर्ति नहीं बाधित हो। उन्होंने कहा कि पेयजल संबंधी समस्याओं का समाधान करने के लिए राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम्स के फोन नंबरों का व्यापक प्रचार किया जाए।
नहरबंदी के दौरान जल भंडारण का पूरा प्रबंध रखें
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि नहरबंदी के दौरान भी पश्चिमी राजस्थान के जिलों में पेयजल की कोई कमी नहीं होगी. उन्होंने हनुमानगढ़ और गंगानगर में अधिकारियों से चर्चा कर स्थिति की समीक्षा की है। पहले महीने में नहरबंदी के दौरान आंशिक क्लोजर ही रखा गया है और पेयजल के लिए पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि पेयजल व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाया जा सके। पीएचईडी अधिकारियों को नहरबंदी के दौरान जल भंडारण की पूरी व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं।
JJM प्रत्येक महीने 5 हजार काम आदेश जारी करेगा
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार ने हमारे अनुरोध पर जल जीवन मिशन की अवधि 2028 तक बढ़ा दी है। उनका निर्देश था कि जल जीवन मिशन को अतिरिक्त कामकाज के आदेश शीघ्र देने चाहिए। उन्होंने कहा कि जेजेएम के कामों को अप्रेल में 5 हजार करोड़ का कार्यादेश जारी किया जाएगा। उन्हें जल जीवन मिशन की योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए शीघ्र ही संचालन एवं संधारण नीति जारी करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (पीएचईडी) श्री भास्कर ए. सावंत ने बताया कि विभाग की बड़ी परियोजनाओं में कार्ययोजनाएं बनाई जा रही हैं, जो समयबद्ध तरीके से पूरी की जा रही हैं। अक्टूबर 2025 तक 59 परियोजनाओं के लिए 44 हजार 889 करोड़ रुपये देंगे। इसके लिए धन व्यवस्था में कोई कमी नहीं होगी। हुडको, आरईसी जैसे संस्थाओं ने भी ऋण प्रदान किया है। हुडको से ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है और बढ़े हुए जल शुल्क की सूचना जारी की गई है।
पीएचईडी मंत्री श्री कन्हैयालाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री शिखर अग्रवाल, प्रमुख सचिव श्री आलोक गुप्ता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और मुख्यमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।
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