मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान : जालंधर में संत समाज ने किया सीएम भगवंत मान का सम्मान; शांति और भाईचारे पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान : जालंधर में संत समाज ने किया सीएम भगवंत मान का सम्मान; शांति और भाईचारे पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जालंधर में संत समाज से मुलाकात की। ‘जागत जोति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम 2026’ के लिए संतों ने मान का सम्मान किया। जानें कैसे यह कानून पंजाब में बेअदबी को रोकेगा।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अपनी चार दिवसीय ‘शुक्राना यात्रा’ के दूसरे दिन जालंधर में विभिन्न गुरुद्वारा प्रबंधन समितियों के प्रमुखों और संत समाज के प्रतिष्ठित संतों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान धार्मिक नेताओं ने ‘जागत जोति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम 2026’ को लागू करने के ऐतिहासिक फैसले के लिए मुख्यमंत्री का विशेष सम्मान किया। यह कानून बेअदबी की घटनाओं को रोकने और दोषियों को उम्रकैद जैसी सख्त सजा दिलाने के उद्देश्य से लाया गया है।

“गुरु साहिब के सत्कार से कोई समझौता नहीं”: मुख्यमंत्री मान

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी को रोकने के लिए उनकी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस सेवा का अवसर देने के लिए ‘अकाल पुरख’ का आभार व्यक्त किया और कहा कि नया कानून न केवल दोषियों के मन में डर पैदा करेगा, बल्कि यह समाज में धार्मिक मर्यादा को सुरक्षित रखने के लिए एक ‘सुरक्षा कवच’ का काम करेगा। संत समाज ने मुख्यमंत्री के इस साहसी कदम की सराहना की और इसे पंजाब की धार्मिक भावनाओं के संरक्षण की दिशा में एक मील का पत्थर बताया।

पंजाब की खुशहाली और आपसी भाईचारे पर मंथन

बैठक में केवल कानूनी पहलुओं पर ही नहीं, बल्कि राज्य की शांति, आपसी सांप्रदायिक एकता और पंजाब की खुशहाली जैसे गंभीर विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने उपस्थित हस्तियों को विश्वास दिलाया कि उनकी सरकार गुरु साहिबान के बताए मार्ग पर चलते हुए पंजाब की सेवा में समर्पित है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य पंजाब को फिर से ‘रंगला पंजाब’ बनाना है, जहाँ आपसी भाईचारा और सौहार्द हमेशा कायम रहे।”

पुरानी सरकारों पर निशाना और न्याय का भरोसा

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पिछली सरकारों की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि पूर्व शासकों ने केवल अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकने के लिए बेअदबी के दोषियों को संरक्षण दिया। उन्होंने संगत को विश्वास दिलाया कि अब वो दौर बीत चुका है और नया कानून यह सुनिश्चित करेगा कि भविष्य में कोई भी पवित्र ग्रंथों का अपमान करने का साहस न कर सके। मान ने स्पष्ट किया कि ‘जागत जोति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम 2026’ केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि उन हजारों श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान है जो वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे थे।

विकास और विरासत का संगम

मुख्यमंत्री ने पंजाब की प्रगति का रोडमैप साझा करते हुए कहा कि राज्य की तरक्की तभी संभव है जब यहाँ की सामाजिक और धार्मिक बुनियाद मजबूत हो। उन्होंने संत समाज से अपील की कि वे युवाओं को नशे के चंगुल से छुड़ाने और उन्हें पंजाब की गौरवशाली विरासत से जोड़ने में सरकार का सहयोग करें। भगवंत मान ने दोहराया कि उनकी सरकार बुनियादी ढांचे और निवेश के साथ-साथ राज्य की आध्यात्मिक जड़ों को सींचने के लिए भी प्रतिबद्ध है, ताकि आने वाली पीढ़ियां एक सुरक्षित, समृद्ध और सांप्रदायिक सद्भाव से भरपूर पंजाब में सांस ले सकें।

Related posts

पटियाला: तीर्थ यात्रा योजना से पूरी हुईं बुजुर्गों की मुरादें, डॉ. बलबीर सिंह ने दिखाई हरी झंडी

राम मंदिर चंदा चोरी मामला: अरविंद केजरीवाल का बड़ा हमला, पूछा- चंपत राय को अब तक क्यों नहीं हटाया गया?

पंजाब में खुले मैनहोल्स पर लगाम: हरजोत सिंह बैंस ने किया बड़ा ऐलान, 30 जून तक शहर होंगे पूरी तरह सुरक्षित

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More