मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में चारधाम यात्रा से पहले LPG गैस की आपूर्ति और वितरण की समीक्षा की गई। कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई और कमर्शियल सिलेंडरों के लिए SOP जारी।
चारधाम यात्रा की तैयारियों के बीच उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने LPG गैस की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में प्रदेश में गैस की उपलब्धता, वितरण प्रक्रिया और संभावित बाधाओं की बारीकी से जांच की गई।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि राज्य में फिलहाल LPG गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। हालांकि उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी परिस्थिति में ढिलाई नहीं बरती जाएगी। चाहे घरेलू सिलेंडर हों या कमर्शियल, हर उपभोक्ता को समय पर गैस पहुंचना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि कालाबाजारी और जमाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को गैस और अन्य आवश्यक वस्तुओं की अवैध बिक्री रोकने के लिए नियमित छापेमारी, स्टॉक निरीक्षण और निगरानी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारियों को गैस कंपनियों और वितरकों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने का भी आदेश दिया गया ताकि वितरण श्रृंखला में कोई गड़बड़ी न हो और गैस सीधे उपभोक्ता तक पहुंचे।
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इस अवसर पर खाद्य विभाग के सचिव आनंद स्वरूप ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SoP) जारी की। इसके तहत होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, अस्पताल, होम स्टे और डेयरी जैसी 8 श्रेणियों के लिए कुल 2650 सिलेंडरों का आवंटन तय किया गया। सबसे अधिक 1000 सिलेंडर (37%) रेस्टोरेंट और ढाबों को आवंटित किए गए, जो चारधाम यात्रा के दौरान सबसे अधिक मांग वाले प्रतिष्ठान होते हैं। इस आपूर्ति का क्रियान्वयन IOCL, BPCL और HPCL अपनी बाजार हिस्सेदारी के अनुपात में करेंगे।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, प्रमुख सचिव एल.एल. फैनई, सचिव शैलेश बगौली, अपर पुलिस महानिदेशक वी. मुरुगेशन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। पुलिस महकमे की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि कालाबाजारी और अवैध गतिविधियों पर सिर्फ कागज पर नहीं, बल्कि जमीन पर भी सख्त कार्रवाई होगी।
मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने अधिकारियों से कहा कि चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले एलपीजी गैस आपूर्ति की हर कड़ी को दुरुस्त किया जाए, ताकि आम जनता और पर्यटन व्यवसाय दोनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।