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अनन्या पांडे और लक्ष्य की फिल्म ‘चांद मेरा दिल’ बॉक्स ऑफिस पर धीमी। फिल्म ने पहले वीकेंड में कुल 11.10 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। जानें फिल्म की पूरी रिपोर्ट।
हिंदी सिनेमा में रोमांटिक ड्रामा की वापसी की चर्चा अक्सर होती है, लेकिन इन फिल्मों के लिए बॉक्स ऑफिस पर अपनी पकड़ बनाए रखना आज एक बड़ी चुनौती बन गया है। हाल ही में रिलीज हुई विवेक सोनी निर्देशित फिल्म ‘चांद मेरा दिल’, जिसमें अनन्या पांडे और लक्ष्य मुख्य भूमिकाओं में हैं, इसी संघर्ष का ताजा उदाहरण है। 22 मई, 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली यह फिल्म पहले वीकेंड के दौरान दर्शकों को लुभाने के लिए जूझती नजर आई।
बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन: आंकड़ों की जुबानी
‘चांद मेरा दिल’ ने बॉक्स ऑफिस पर एक औसत शुरुआत की थी। पहले दिन फिल्म ने 3 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन दर्ज किया। हालांकि, शुरुआती वीकेंड के दौरान फिल्म ने थोड़ी वृद्धि दिखाई, लेकिन यह रफ्तार बॉक्स ऑफिस पर मजबूती के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुई। ट्रेड रिपोर्ट्स के अनुसार, शनिवार को फिल्म ने 3.75 करोड़ रुपये कमाए, जबकि रविवार को इसने 4.35 करोड़ रुपये का कारोबार किया। इस प्रकार, तीन दिनों के अपने पहले वीकेंड में फिल्म ने भारत में कुल 11.10 करोड़ रुपये (नेट) की कमाई की है।
अगर हम इसके वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिल्म ने लगभग 1.50 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिससे इसका कुल वैश्विक कलेक्शन 14.73 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया है। अनन्या पांडे के पिछले कुछ प्रोजेक्ट्स, जैसे ‘तू मेरी मैं तेरा’ या अक्षय कुमार के साथ ‘केसरी चैप्टर 2’ की तुलना में यह आंकड़े काफी कम हैं। हालांकि, यह फिल्म अनन्या के लिए इसलिए भी चुनौतीपूर्ण रही क्योंकि पहली बार उन्होंने किसी कम स्थापित अभिनेता (लक्ष्य) के साथ लीड भूमिका निभाई है।
फिल्म की कहानी और समीक्षाओं का मिला-जुला असर
विवेक सोनी द्वारा निर्देशित ‘चांद मेरा दिल’ की पटकथा इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने वाले आरव (लक्ष्य) और चांदनी (अनन्या पांडे) के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म का मुख्य आकर्षण उनके कॉलेज का रोमांस और उसके बाद आने वाली अनपेक्षित चुनौतियां, जैसे कि ‘अनप्लांड प्रेगनेंसी’ और शादी के बाद के उतार-चढ़ाव हैं। आलोचकों की ओर से फिल्म को मिश्रित (mixed) प्रतिक्रिया मिली है। कुछ समीक्षकों ने फिल्म के भावुक दृश्यों और आरव की भूमिका में लक्ष्य के अभिनय की प्रशंसा की है, तो वहीं कुछ का मानना है कि फिल्म की पटकथा में कसावट की कमी है।
विशेष रूप से, फिल्म के पहले आधे हिस्से को लेकर आलोचनाएं अधिक रही हैं, जहां दर्शकों ने कॉलेज के दृश्यों को थोड़ा ‘अवास्तविक’ और खिंचा हुआ माना है। हालांकि, दूसरे भाग में जब फिल्म शादी के बाद की जटिलताओं पर केंद्रित होती है, तब इसमें भावनात्मक गहराई दिखाई देती है। सचिन-जिगर का संगीत फिल्म का एक मजबूत पहलू है, जिसमें शीर्षक गीत और ‘इश्क निभावन दे’ जैसे ट्रैक दर्शकों के बीच चर्चा में हैं।
भविष्य की चुनौती: सोमवार की परीक्षा
किसी भी फिल्म के लिए पहले सोमवार (First Monday) का दिन बेहद महत्वपूर्ण होता है। ‘चांद मेरा दिल’ के लिए अब असल लिटमस टेस्ट शुरू हो गया है। चूंकि फिल्म के पास अगले दो हफ्तों तक कोई बड़ी प्रतिस्पर्धा नहीं है, इसलिए उम्मीद है कि फिल्म धीरे-धीरे अपनी संख्या बढ़ा सकती है। हालांकि, ‘द मंडलोरियन एंड ग्रोगु’ जैसी हॉलीवुड फिल्मों और ‘पति पत्नी और वोह दो’ जैसे अन्य रोमांस ड्रामा के साथ प्रतिस्पर्धा का असर फिल्म के कलेक्शन पर पड़ सकता है।
अंततः, ‘चांद मेरा दिल’ एक ऐसी फिल्म है जो आधुनिक रिश्तों की जटिलताओं, हिंसा के खिलाफ स्टैंड और युवाओं की परिपक्वता को पर्दे पर उतारने की कोशिश करती है। यह फिल्म इस बात का संकेत है कि भले ही रोमांटिक ड्रामा की सिनेमाघरों में वापसी हो रही हो, लेकिन आज का दर्शक केवल स्टार-पावर के दम पर नहीं, बल्कि एक दमदार और कसी हुई कहानी के आधार पर ही फिल्म को सफलता दिलाता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या ‘चांद मेरा दिल’ दर्शकों के ‘वर्ड-ऑफ-माउथ’ (word-of-mouth) से आने वाले दिनों में अपनी स्थिति बेहतर कर पाती है या नहीं।