चैत्र नवरात्रि 2026: खरमास में शुरू होगी नवरात्रि, क्या घर-वाहन खरीदना और गृह प्रवेश करना होगा शुभ?

चैत्र नवरात्रि 2026: खरमास में शुरू होगी नवरात्रि, क्या घर-वाहन खरीदना और गृह प्रवेश करना होगा शुभ?

चैत्र नवरात्रि 2026 इस बार खरमास में पड़ रही है। जानें क्या इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, घर या वाहन खरीदना शुभ रहेगा और क्या कहते हैं ज्योतिष।

साल 2026 में चैत्र नवरात्रि एक विशेष संयोग में मनाई जाएगी। इस बार नवरात्रि ऐसे समय पर पड़ रही है जब खरमास चल रहा होगा। यही कारण है कि बहुत से लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या इन दिनों में विवाह, गृह प्रवेश, वाहन खरीदने या नई संपत्ति लेने जैसे शुभ कार्य किए जा सकते हैं या नहीं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार खरमास के दौरान कई मांगलिक कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है।

कब से शुरू होगी चैत्र नवरात्रि 2026

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्रि वर्ष 2026 में 19 मार्च से 27 मार्च तक मनाई जाएगी। यह नौ दिनों का पवित्र पर्व Durga की आराधना के लिए समर्पित होता है। इन नौ दिनों में भक्त उपवास रखते हैं और देवी के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं।

वहीं खरमास की शुरुआत 15 मार्च 2026 से होगी। इस दिन सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे और यह अवधि 14 अप्रैल 2026 तक चलेगी। यानी इस साल पूरी चैत्र नवरात्रि खरमास के दौरान ही पड़ेगी।

खरमास में क्यों नहीं किए जाते मांगलिक कार्य

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य मीन राशि में रहते हैं तो उस राशि के स्वामी Brihaspati की शुभ ऊर्जा प्रभावित मानी जाती है। बृहस्पति को विवाह, ज्ञान, धर्म और शुभ कार्यों का कारक ग्रह माना गया है।

इसी कारण से इस अवधि में किए गए मांगलिक कार्यों का पूर्ण शुभ फल नहीं मिल पाता। इसलिए पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार खरमास में कई बड़े शुभ कार्यों को टालना बेहतर माना जाता है।

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नवरात्रि में किन कार्यों से बचने की सलाह

खरमास के कारण इस बार चैत्र नवरात्रि के दौरान निम्न मांगलिक कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है:

  • विवाह और सगाई

  • गृह प्रवेश

  • मुंडन संस्कार

  • नया व्यापार शुरू करना

  • घर, जमीन या वाहन खरीदना

धार्मिक मान्यता के अनुसार इन कार्यों को खरमास समाप्त होने के बाद करना अधिक शुभ माना जाता है।

खरमास और नवरात्रि के संयोग में क्या करना चाहिए

हालांकि मांगलिक कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है, लेकिन यह समय आध्यात्मिक साधना के लिए बेहद शुभ माना गया है। विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान की गई पूजा और साधना का महत्व और भी बढ़ जाता है।

इस अवधि में भक्तों को निम्न कार्य करने चाहिए:

  • मां दुर्गा की पूजा और उपासना

  • मंत्र जाप और साधना

  • दान-पुण्य और सेवा

  • दुर्गा सप्तशती का पाठ

  • व्रत और ध्यान

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