चैत्र नवरात्रि 2026: नौ दिन की पूजा, कलश स्थापना, कन्या पूजन, व्रत, मंत्र जाप और हवन की पूरी जानकारी जानें और माता दुर्गा को प्रसन्न करें।
इस साल चैत्र नवरात्रि 2026 19 मार्च से 26 मार्च तक मनाई जाएगी। अक्सर श्रद्धालुओं के मन में सवाल होता है कि नवरात्रि के नौ दिन क्या-क्या करना चाहिए और माता रानी को प्रसन्न कैसे किया जाए। इस पवित्र पर्व के दौरान विधिपूर्वक पूजा-अर्चना और मंत्र जाप करने से जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली आती है।
चैत्र नवरात्रि में क्या-क्या करें
1. व्रत का पालन
नवरात्रि में व्रत रखना बहुत ही शुभ माना जाता है। कुछ भक्त पूरे नौ दिन का व्रत रखते हैं, जबकि कुछ लोग केवल पहले या अंतिम कुछ दिन व्रत रखते हैं। व्रत के दौरान लहसुन और प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए। जो भक्त सच्चे मन से व्रत करते हैं, उनके जीवन के कष्ट दूर होते हैं।
2. रोजाना पूजा और आरती
चैत्र नवरात्रि में मां दुर्गा की सुबह और शाम पूजा करना चाहिए। व्रत न रखने वाले भक्त भी प्रतिदिन पूजा कर सकते हैं। यदि संभव हो तो नौ दिनों तक माता के सामने अखंड ज्योत जलाएं। कम से कम रोजाना माता के समक्ष घी का दीपक अवश्य जलाएं।
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3. पहले दिन घटस्थापना
नवरात्रि के पहले दिन घर में घटस्थापना या कलश स्थापना करना अनिवार्य है। यह नवरात्रि का महत्वपूर्ण अनुष्ठान है और इसे शुभ मुहूर्त में किया जाता है।
4. माता को चढ़ाएं प्रिय सामग्री
मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए उन्हें लाल पुष्प, लाल चुनरी, लाल श्रृंगार का सामान, लाल चूड़ियां, कौड़ी और कमल का फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है।
5. दुर्गा सप्तशती का पाठ
नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से माता की विशेष कृपा प्राप्त होती है। कम से कम एक बार नौ दिनों में पाठ करना लाभकारी होता है।
6. मंत्रों का जाप
मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। सबसे प्रभावशाली मंत्र है:
“ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे”
इस मंत्र का कम से कम 108 बार उच्चारण करना चाहिए।
7. कन्या पूजन
कन्या पूजन केवल व्रत रखने वाले भक्तों के लिए नहीं है। नवरात्रि में कोई भी भक्त कन्या पूजन कर सकता है। आमतौर पर यह अष्टमी और नवमी को किया जाता है, लेकिन जरूरत अनुसार किसी भी दिन किया जा सकता है। कई लोग पूरे नौ दिनों तक कन्याओं की पूजा करते हैं।
8. दान और सेवा
नवरात्रि में दान का विशेष महत्व है। जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और अन्य सामग्री दान करें। साथ ही घर के पास के पशु-पक्षियों को भी भोजन कराना शुभ माना जाता है।
9. हवन का महत्व
नवरात्रि के दौरान हवन करने से पूजा का संपूर्ण फल मिलता है। अधिकांश भक्त नवमी तिथि को हवन अवश्य करते हैं।