सीजी पावर के जॉइंट वेंचर ‘सीजी सेमी’ ने गुजरात के साणंद प्लांट में सेमीकंडक्टर का कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। पीएम मोदी की मौजूदगी में हुए इस इवेंट और ₹7,600 करोड़ के निवेश की पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड (CG Power) के शेयरों पर निवेशकों की पैनी नजर रहने वाली है। इसका सबसे बड़ा कारण कंपनी के जॉइंट वेंचर ‘सीजी सेमी प्राइवेट लिमिटेड’ (CG Semi) द्वारा गुजरात के साणंद में स्थित अपने अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग प्लांट में कमर्शियल प्रोडक्शन (व्यावसायिक उत्पादन) शुरू करने की आधिकारिक घोषणा है। भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में इस कदम को एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में देखा जा रहा है। इस खास लॉन्चिंग इवेंट की गरिमा बढ़ाने के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव मौजूद रहे।
साणंद के G1 प्लांट में उत्पादन शुरू, सालाना 30 करोड़ यूनिट्स की क्षमता
सीजी सेमी (CG Semi) ने जानकारी दी है कि साणंद में स्थित उसके ‘G1 आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट’ (OSAT) प्लांट ने सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद सफलतापूर्वक कमर्शियल प्रोडक्शन चरण में प्रवेश कर लिया है। कंपनी ने वाणिज्यिक परिचालन शुरू करने से पहले मशीनों की स्थापना (Equipment Installation), प्रोसेस स्टेबलाइजेशन, कार्यबल (Workforce) को उन्नत प्रशिक्षण देने और ग्राहकों की आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्ता जांच की सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली थीं।
आपको बता दें कि इस अत्याधुनिक प्लांट का उद्घाटन अगस्त 2025 में किया गया था। इस प्लांट की अधिकतम उत्पादन क्षमता सालाना 30 करोड़ (300 मिलियन) सेमीकंडक्टर यूनिट्स बनाने की है। कमर्शियल ऑपरेशन की शुरुआत होने के बाद अब कंपनी घरेलू स्तर पर भारत के साथ-साथ दुनिया भर के वैश्विक बाजारों में चिप्स की सप्लाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
₹7,600 करोड़ का मेगा निवेश और तीन दिग्गजों का साथ
सीजी सेमी (CG Semi) कोई अकेली कंपनी नहीं है, बल्कि यह तीन बड़े दिग्गजों का एक मजबूत जॉइंट वेंचर (JV) है। इसमें भारत की सीजी पावर (CG Power), जापान की प्रसिद्ध रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन (Renesas Electronics Corporation) और थाईलैंड की स्टार्स माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक (Stars Microelectronics) शामिल हैं।
कंपनी ने देश में अपने सेमीकंडक्टर व्यवसाय को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए केंद्र सरकार और गुजरात सरकार के सहयोग से अगले पांच वर्षों में ₹7,600 करोड़ से अधिक का निवेश करने की योजना बनाई है। इस निवेश का उपयोग दो विशाल सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग फैसिलिटीज—G1 और G2 को विकसित करने के लिए किया जा रहा है। जहां एक तरफ G1 फैसिलिटी में उत्पादन शुरू हो चुका है, वहीं दूसरी तरफ G2 फैसिलिटी पर अभी तेजी से काम चल रहा है (Under Development)। G2 प्लांट के शुरू होने के बाद कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में कई गुना का इजाफा होने की उम्मीद है।
भारतीय इंजीनियरों की फौज और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान
चिप निर्माण (Chip Manufacturing) के क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौती कुशल कार्यबल की होती है। इस दिशा में काम करते हुए कंपनी ने बड़े पैमाने पर सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग ऑपरेशंस को संभालने के लिए भारतीय इंजीनियरों, ऑपरेटरों और तकनीशियनों को विशेष अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया है। साणंद का यह G1 प्लांट पूरी तरह से मैन्युफैक्चरिंग ट्रैसेबिलिटी सिस्टम, एडवांस प्रोसेस कंट्रोल्स, इन-हाउस रिलायबिलिटी टेस्टिंग और फेलियर एनालिसिस जैसी आधुनिक तकनीकों से लैस है, ताकि वैश्विक मानकों की उच्च गुणवत्ता वाली चिप्स का निर्माण किया जा सके।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जताते हुए सीजी पावर के चेयरमैन वेल्लियन सुब्बैया ने कहा कि यह पहली कमर्शियल शिपमेंट हमारी पूरी टीम की कड़ी मेहनत और भारत के सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को आत्मनिर्भर बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब भारत सरकार अपनी इलेक्ट्रॉनिक और चिप-मेकिंग रणनीति के तहत घरेलू स्तर पर सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, जहां OSAT सुविधाएं इस पूरी वैल्यू चेन में एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस खबर के बाद सोमवार को शेयर बाजार में सीजी पावर के स्टॉक में बड़ी हलचल देखने को मिल सकती है।