उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 के लिए एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार घोषित किया। हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने इस फैसले को “मजबूत कदम” बताया और उनके अनुभव की सराहना की।
एनडीए (NDA) ने आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन (C.P. Radhakrishnan) को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इस फैसले का स्वागत करते हुए हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज (Anil Vij) ने इसे एक “मजबूत और रणनीतिक निर्णय” बताया है।
अनिल विज ने अंबाला में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सी.पी. राधाकृष्णन ने अब तक जिन जिम्मेदारियों को निभाया है, वे सराहनीय रही हैं। उन्होंने कहा, “बीजेपी ने दक्षिण भारत से उम्मीदवार उतारकर राजनीतिक संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को मजबूत किया है। राधाकृष्णन का अनुभव और समर्पण एनडीए की एकता को नई मजबूती देगा।”
दक्षिण भारत पर बीजेपी का फोकस
रविवार को बीजेपी संसदीय बोर्ड की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की अध्यक्षता में राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुना गया। बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा (JP Nadda) ने उन्हें “अनुभवी और समर्पित नेता” बताते हुए कहा कि उनका देश की राजनीति में योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है।
कौन हैं सी.पी. राधाकृष्णन?
सी.पी. राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर जिले में हुआ था। उनका राजनीतिक सफर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से शुरू हुआ और 1970 के दशक में वे जनसंघ की राज्य कार्यकारी समिति के सदस्य बने। 1998 और 1999 में वे कोयंबटूर से बीजेपी सांसद रहे। इसके अलावा उन्होंने कई संसदीय समितियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वह 18 फरवरी 2023 से 30 जुलाई 2024 तक झारखंड के राज्यपाल रहे और वहां के सभी जिलों का दौरा किया। इसके बाद उन्हें महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया और उन्होंने तेलंगाना व पुदुचेरी का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।
खेलों में भी उनकी गहरी रुचि रही है – वे कॉलेज के समय टेबल टेनिस चैंपियन थे और लंबी दूरी के धावक भी रह चुके हैं। इसके अलावा उन्हें क्रिकेट और वॉलीबॉल खेलने का भी शौक है।
उपराष्ट्रपति चुनाव की तारीखें
उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 9 सितंबर 2025 को होगा। नामांकन की आखिरी तारीख 21 अगस्त है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 22 अगस्त को की जाएगी। यह चुनाव पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद हो रहा है।