नागपुर में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक की अगुवाई करेंगे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी। जानें क्लीन मोबिलिटी और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर पर क्या होगी चर्चा।
वैश्विक परिवहन, बुनियादी ढांचे और टिकाऊ ऊर्जा के क्षेत्र में शनिवार को भारत एक बड़े ऐतिहासिक विमर्श का केंद्र बन गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी नागपुर में आयोजित होने वाली ‘ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक’ (BRICS Transport Ministers’ Meeting) में प्रमुख चर्चाओं और विचार-विमर्श का नेतृत्व करेंगे। इस उच्च स्तरीय बैठक में वैश्विक स्तर पर स्थायी परिवहन (Sustainable Transport), बुनियादी ढांचे के विकास (Infrastructure) और स्वच्छ गतिशीलता (Clean Mobility) जैसे दूरगामी विषयों पर गहराई से मंथन किया जाएगा। यह बैठक भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को एक नई रणनीतिक ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम है।
थीम: लचीलापन, नवाचार, सहयोग और निरंतरता का निर्माण
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता (BRICS Chairship) के तहत आयोजित हो रही इस दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक की आधिकारिक थीम ‘बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी’ (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) रखी गई है। इस थीम का मुख्य उद्देश्य एक ऐसे परिवहन तंत्र का निर्माण करना है जो न केवल भविष्य की आपदाओं और चुनौतियों के प्रति लचीला (Resilient) हो, बल्कि जिसमें आधुनिक तकनीकी नवाचारों (Innovation) का समावेश हो। इसके साथ ही, सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग (Cooperation) को बढ़ावा देकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना निरंतर विकास यानी सस्टेनेबिलिटी (Sustainability) के लक्ष्यों को प्राप्त करना इस बैठक का मूल एजेंडा है।
विस्तारित ब्रिक्स कुनबा: सदस्य देशों की सक्रिय भागीदारी
यह बैठक इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि इसमें ब्रिक्स के विस्तारित परिवार के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस शिखर बैठक में पारंपरिक सदस्यों के साथ-साथ नए जुड़े देशों के प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हो रहे हैं। बैठक में भाग लेने वाले प्रमुख सदस्य देशों में शामिल हैं:
- पारंपरिक सदस्य: ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका।
- नए और विस्तारित सदस्य: इंडोनेशिया, मिस्र (Egypt), इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE)।
इन सभी देशों के प्रतिनिधि सामूहिक रूप से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत करने और परिवहन के आधुनिक तौर-तरीकों को साझा करने के लिए एक मंच पर आए हैं।
मुख्य एजेंडा: लॉजिस्टिक्स लचीलापन और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी
नागपुर में हो रही इस बैठक के दौरान प्रतिनिधिमंडल कई महत्वपूर्ण तकनीकी और रणनीतिक पहलुओं पर विस्तृत चर्चा करेंगे। इनमें सबसे प्रमुख विषय ‘लॉजिस्टिक्स लचीलापन’ (Logistics Resilience) है, ताकि भविष्य में किसी भी वैश्विक संकट के समय माल ढुलाई और व्यापार की निरंतरता बाधित न हो। इसके अलावा, ‘मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी’ (Multimodal Connectivity) पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिसके तहत सड़क, रेल, वायु और जलमार्गों को आपस में एकीकृत करके परिवहन को अधिक सुगम, सस्ता और तीव्र बनाया जा सके। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, जो भारत में हरित ईंधन (Green Fuel) और पर्यावरण-अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े पैरोकार रहे हैं, सदस्य देशों के सामने भारत के सफल मॉडलों और भावी योजनाओं का खाका भी प्रस्तुत करेंगे।