80 हजार डॉलर के करीब पहुंचा बिटकॉइन, क्रिप्टो बाजार में लौटी तेजी; जानें क्या है वजह

80 हजार डॉलर के करीब पहुंचा बिटकॉइन, क्रिप्टो बाजार में लौटी तेजी; जानें क्या है वजह

 

बिटकॉइन 1.35% बढ़कर 80,000 डॉलर के करीब पहुंच गया। एथेरियम समेत अन्य क्रिप्टो में भी तेजी रही। जानें इस रिकवरी की वजह और आगे का रुझान।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में एक बार फिर तेजी का माहौल बनता दिखाई दे रहा है और इस रिकवरी की अगुवाई दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन कर रही है। बिटकॉइन एक बार फिर 80,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंच गया है। हालिया सत्र में बिटकॉइन की कीमत में 1.35 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद डिजिटल एसेट बाजार के दूसरे प्रमुख टोकन में भी खरीदारी देखने को मिली। बाजार में इस तेजी के पीछे संस्थागत निवेश का बढ़ना, वित्तीय परिस्थितियों में नरमी और शॉर्ट पोजीशन की बड़े पैमाने पर लिक्विडेशन जैसे कई कारण बताए जा रहे हैं। इन कारकों ने बाजार में खरीदारी की गति को बढ़ाने में मदद की है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा तेजी को लेकर अभी पूरी तरह आश्वस्त होना जल्दबाजी होगी। बिटकॉइन का 80,000 डॉलर के स्तर को निर्णायक रूप से पार करना और उसके ऊपर टिके रहना आगे की दिशा के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।

80,000 डॉलर के करीब पहुंचा बिटकॉइन

बिटकॉइन ने हालिया कारोबार में 1.35 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की और अब यह 80,000 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। क्रिप्टो बाजार में 80,000 डॉलर का स्तर मनोवैज्ञानिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। जब कोई डिजिटल एसेट किसी बड़े राउंड नंबर के करीब पहुंचता है, तो निवेशकों और ट्रेडर्स की नजर उस स्तर पर टिक जाती है। यही वजह है कि बिटकॉइन के लिए 80,000 डॉलर अब एक अहम प्रतिरोध स्तर के रूप में देखा जा रहा है।

अगर बिटकॉइन इस स्तर को मजबूत तरीके से पार करने में सफल होता है और कुछ समय तक इसके ऊपर बना रहता है, तो बाजार में नए निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। दूसरी ओर, अगर इस स्तर के आसपास बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो कीमत में दोबारा गिरावट भी देखने को मिल सकती है। इसलिए आने वाले कारोबारी सत्र बिटकॉइन की मौजूदा रैली की मजबूती तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में भी तेजी

बिटकॉइन की तेजी का असर पूरे क्रिप्टो बाजार में देखने को मिला है। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी एथेरियम 2,500 डॉलर के ऊपर बनी हुई है। इसके अलावा सोलाना, XRP, BNB और कई अन्य बड़े डिजिटल टोकन में भी बढ़त दर्ज की गई है। प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में एक साथ खरीदारी बढ़ने से पूरे बाजार के सेंटीमेंट में सुधार हुआ है।

हालांकि, बाजार की मौजूदा तेजी में बिटकॉइन की भूमिका सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण दिखाई दे रही है। बिटकॉइन की कीमत में बढ़त अक्सर पूरे क्रिप्टो बाजार के लिए सेंटीमेंट तय करती है। जब BTC में मजबूत खरीदारी होती है, तो निवेशक दूसरे बड़े और छोटे टोकन में भी अवसर तलाशना शुरू कर सकते हैं। इसी वजह से बिटकॉइन की मौजूदा चाल का असर एथेरियम और अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी पर भी दिखाई दे रहा है।

संस्थागत निवेश और शॉर्ट लिक्विडेशन से मिला सहारा

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा तेजी के पीछे संस्थागत निवेश एक महत्वपूर्ण कारक है। बड़े निवेशकों की ओर से बिटकॉइन और अन्य डिजिटल एसेट में बढ़ती दिलचस्पी बाजार में मांग को मजबूत कर सकती है। इसके साथ ही वित्तीय परिस्थितियों में नरमी से जोखिम वाली संपत्तियों के प्रति निवेशकों का रुख सकारात्मक हो सकता है।

एक अन्य महत्वपूर्ण कारण शॉर्ट पोजीशन की लिक्विडेशन है। जब बाजार में तेजी आती है और कीमतें ट्रेडर्स की उम्मीद के विपरीत ऊपर जाती हैं, तो शॉर्ट पोजीशन में मौजूद कई ट्रेडर्स को अपनी पोजीशन बंद करनी पड़ती है। इससे अतिरिक्त खरीदारी पैदा होती है और कीमत में तेजी और तेज हो सकती है। मौजूदा बिटकॉइन रैली में भी शॉर्ट लिक्विडेशन ने खरीदारी की गति बढ़ाने में योगदान दिया है।

क्या 80,000 डॉलर के पार टिक पाएगा BTC?

बिटकॉइन की मौजूदा तेजी के बावजूद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह डिजिटल करेंसी 80,000 डॉलर के स्तर को मजबूती से पार कर पाएगी। विश्लेषकों का मानना है कि केवल इस स्तर तक पहुंचना पर्याप्त नहीं होगा। बाजार को यह देखना होगा कि बिटकॉइन इस स्तर के ऊपर कितनी मजबूती से टिकता है और क्या इसके बाद व्यापक निवेशकों की खरीदारी बढ़ती है।

अगर BTC 80,000 डॉलर के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट देता है, तो बाजार में सकारात्मक धारणा और मजबूत हो सकती है। इसके बाद दूसरे डिजिटल टोकन में भी खरीदारी बढ़ने की संभावना बन सकती है। वहीं, अगर बिटकॉइन बार-बार इस स्तर से नीचे आता है, तो ट्रेडर्स मुनाफावसूली कर सकते हैं और बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।

क्रिप्टो निवेशकों की नजर आगे की चाल पर

क्रिप्टो बाजार में हमेशा तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है और इसलिए मौजूदा रिकवरी को लेकर भी निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। बिटकॉइन की 80,000 डॉलर के करीब वापसी निश्चित तौर पर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत है, लेकिन इसकी स्थिरता कई कारकों पर निर्भर करेगी। संस्थागत निवेश का प्रवाह, वैश्विक वित्तीय परिस्थितियां, ट्रेडर्स की पोजीशन और बाजार में जोखिम लेने की क्षमता आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

फिलहाल बिटकॉइन की तेजी ने क्रिप्टो बाजार में नई उम्मीद जगाई है। एथेरियम के 2,500 डॉलर से ऊपर बने रहने और सोलाना, XRP तथा BNB जैसे प्रमुख टोकन में बढ़त से बाजार का दायरा भी मजबूत दिखाई दे रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक असली परीक्षा बिटकॉइन के लिए 80,000 डॉलर के स्तर पर होगी। यदि BTC इस महत्वपूर्ण स्तर को निर्णायक रूप से पार करके उसके ऊपर टिकता है और व्यापक खरीदारी को आकर्षित करता है, तो मौजूदा रिकवरी एक मजबूत तेजी में बदल सकती है। इसके विपरीत, इस स्तर पर बिकवाली बढ़ने से बाजार में फिर से दबाव देखने को मिल सकता है। इसलिए आने वाले दिनों में बिटकॉइन की कीमत और 80,000 डॉलर के स्तर के आसपास उसकी चाल पर दुनियाभर के क्रिप्टो निवेशकों की नजर बनी रहेगी।

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