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बिहार सरकार द्वारा नीट परीक्षार्थियों को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा। आम आदमी पार्टी ने इसे अरविंद केजरीवाल के शिक्षा मॉडल की स्वीकार्यता बताया। पढ़ें पूरी खबर।
नीट-यूजी (NEET-UG 2026) की पुनः परीक्षा को लेकर बिहार सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य की सभी सरकारी बसों में परीक्षार्थियों के लिए मुफ्त यात्रा की घोषणा की है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस निर्णय की जानकारी सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर दी। इस पहल के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, जहाँ आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे अरविंद केजरीवाल के ‘शिक्षा मॉडल’ की सफलता के रूप में देखा है।
“अच्छे काम को फॉलो करना सराहनीय”
पहल भले ही अरविंद केजरीवाल जी ने की हो..
लेकिन अच्छे काम को फॉलो करने वालों के लिए भी थोड़ी ताली बजनी चाहिए भाई। अब भाजपा के बाकी मुख्यमंत्री भी अरविंद केजरीवाल जी से सीखना शुरू कर दें तो देश में बच्चों को कोई परेशानी नहीं होगी🙂 https://t.co/3SRRcf04cN
— Aam Aadmi Party Delhi (@AAPDelhi) May 23, 2026
आम आदमी पार्टी ने बिहार सरकार के इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल द्वारा शुरू की गई जन-कल्याणकारी नीतियों का प्रभाव अब अन्य राज्यों पर भी दिखने लगा है। पार्टी ने एक बयान में कहा, “पहल भले ही अरविंद केजरीवाल जी ने की हो, लेकिन अच्छे काम को फॉलो करने वालों के लिए भी थोड़ी ताली बजनी चाहिए भाई। यदि भाजपा के अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री भी बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए केजरीवाल जी से सीखना शुरू कर दें, तो देश में छात्रों को कोई परेशानी नहीं होगी।”
बिहार सरकार का फैसला और अपील
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि 21 जून को होने वाली नीट परीक्षा के लिए परीक्षार्थी सरकारी बसों में निःशुल्क सफर कर सकेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने जिला प्रशासन, राज्य के सभी मठ-मंदिरों एवं गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) से आग्रह किया है कि वे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख स्थानों पर परीक्षार्थियों व उनके अभिभावकों के लिए पेयजल और भोजन (सत्तू) की व्यवस्था करने में सहयोग करें।
गौरतलब है कि हाल ही में अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में भी नीट परीक्षार्थियों के लिए इसी तरह की मुफ्त बस सुविधा की घोषणा की थी, जिसे अब अन्य राज्य भी एक बेहतर मॉडल मानकर अपना रहे हैं। आम आदमी पार्टी का मानना है कि यदि शिक्षा और छात्रों के हितों से जुड़े मामलों में राजनीति छोड़कर ‘दिल्ली मॉडल’ को अपनाया जाए, तो पूरे देश में छात्रों का भविष्य सुरक्षित होगा।