Table of Contents
दिल्ली सरकार ने फैक्ट्री संचालन को आसान बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि अब दिल्ली की फैक्ट्रियों को MCD (म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली) से अलग से लाइसेंस लेने की जरूरत नहीं होगी। यह कदम ‘Ease of Living’ और ‘Ease of Doing Business’ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
क्या है नया नियम?
अब दिल्ली सरकार या दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (DSIIDC) द्वारा मान्यता प्राप्त औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्ट्री चलाने वाले उद्यमों को MCD से अलग फैक्ट्री लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं रहेगी। यदि फैक्ट्री के पास MSME उद्यम पंजीकरण या GNCTD/DSIIDC का अलॉटमेंट लेटर/लीज़ डीड है, तो ये दस्तावेज MCD लाइसेंस के रूप में स्वीकार किए जाएंगे।
MCD फैक्ट्री लाइसेंस व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव आज से लागू किया गया है।
अब GNCTD/DSIIDC द्वारा मान्यता प्राप्त औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित फैक्ट्रियों को MCD से अलग से फैक्ट्री लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
दिल्ली सरकार ने “Ease of Living” और “Ease of Doing Business”… pic.twitter.com/uHsxDrFJVj
— CMO Delhi (@CMODelhi) July 29, 2025
सरकार का उद्देश्य
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि इस निर्णय से न केवल प्रशासनिक प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि इससे कागजी कार्रवाई कम होगी और पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित होगी। यह पहल दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने और सुविधाजनक शासन की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी।
सरल प्रशासन, तेज विकास
इस बदलाव से दिल्ली की फैक्ट्रियों को बिना अतिरिक्त लाइसेंस की चिंता किए अपने व्यवसाय पर ध्यान केंद्रित करने का मौका मिलेगा। इससे निवेश में वृद्धि और उद्योगों की तेजी से प्रगति होने की संभावना है।