मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लड़कियों को सामाजिक-आर्थिक विकास में भागीदार बनने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लड़कियों को सामाजिक-आर्थिक विकास में भागीदार बनने का किया आह्वान

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर पंजाब की लड़कियों को सामाजिक-आर्थिक विकास, राजनीति और अग्निशमन सेवाओं में बराबरी का भागीदार बनने का आह्वान किया।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज लड़कियों को पंजाब के सुनहरे भविष्य के निर्माण में बराबरी का भागीदार बनने का आह्वान करते हुए कहा कि शासन, अर्थव्यवस्था और राजनीति में महिलाओं की भागीदारी के बिना राज्य देश का अग्रणी राज्य नहीं बन सकता।

लुधियाना में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि किस प्रकार पंजाब सरकार उन बाधाओं को दूर कर रही है जो महिलाओं को प्रमुख क्षेत्रों से दूर रखती थीं। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में मेरिट और योग्यता के आधार पर भर्ती की जा रही है, जिसके तहत 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं और इनमें से अधिकांश लड़कियों को मिली हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह भी बताया कि अनावश्यक शर्तों को समाप्त करने के बाद अब महिलाओं के लिए अग्निशमन सेवाओं में शामिल होने का रास्ता भी खोल दिया गया है। उन्होंने प्रशासनिक सेवाओं में महिला अधिकारियों की बढ़ती संख्या का भी विशेष रूप से उल्लेख किया।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लड़कियों से राजनीति में आने और निर्णय-निर्माण प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि मजबूत लोकतंत्र और प्रगतिशील पंजाब का सपना तभी साकार होगा जब महिलाएँ सार्वजनिक नीति और नेतृत्व में केंद्रीय भूमिका निभाएँगी।

जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह गर्व और संतोष की बात है कि आज लड़कियाँ हर क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। राज्य के मुखिया के रूप में मुझे यह देखकर बहुत खुशी होती है कि लड़कियाँ विभिन्न क्षेत्रों में नई ऊँचाइयाँ छू रही हैं। मैं उन्हें उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देता हूँ। आज की लड़कियाँ भाग्यशाली हैं कि उन्हें आगे बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण मिल रहा है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने पूरे राज्य में महिलाओं को शासन और प्रशासन में अधिक अवसर देकर उन्हें सशक्त बनाने के लिए ठोस प्रयास किए हैं। उन्होंने बताया कि कई महिला अधिकारियों को डिप्टी कमिश्नर और एस.एस.पी. के पदों पर नियुक्त किया गया है तथा कई को ए.डी.सी. बनाया गया है। उन्होंने कहा कि पहले किसी भी सरकार ने इन प्रतिष्ठित पदों पर महिलाओं को इतनी जिम्मेदारियाँ नहीं दी थीं।

उन्होंने कहा कि इन पदों पर कार्यरत महिला अधिकारी पूरी निष्ठा और दक्षता के साथ समाज की सेवा कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन जिलों में महिला डिप्टी कमिश्नर कार्यरत हैं वहाँ भ्रूण हत्या की दर सबसे कम है, जो समाज के लिए संतोषजनक संकेत है। साथ ही ये अधिकारी अन्य सामाजिक बुराइयों को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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पंजाब सरकार की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में युवाओं को 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं। उन्होंने कहा, “यह गर्व की बात है कि इनमें से अधिकांश नौकरियाँ लड़कियों को मिली हैं। राज्य के इतिहास में पहली बार किसी सरकार ने बिना भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के पूरी तरह योग्यता के आधार पर इतनी बड़ी संख्या में नौकरियाँ दी हैं।”

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये लड़कियाँ अपने-अपने विभागों में काम करते हुए राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास में सक्रिय योगदान देंगी।
मुख्यमंत्री ने युवतियों को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इतिहास में ऐसे अनेक उदाहरण हैं जहाँ साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों ने कठिन परिश्रम और समर्पण से असाधारण सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि लड़कियों को ऐसी प्रेरणादायक कहानियों से प्रेरणा लेनी चाहिए और पंजाब सरकार इस दिशा में उनका पूरा सहयोग करेगी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि विविधता समाज को उसी प्रकार मजबूत बनाती है जैसे अलग-अलग फूल मिलकर एक गुलदस्ता बनाते हैं। जब समाज का हर व्यक्ति अपनी प्रतिभा और समर्पण के साथ योगदान देता है तो व्यवस्था और अधिक मजबूत होती है।

उन्होंने कहा कि पंजाब देश के इतिहास में विशेष स्थान रखता है। पंजाब न केवल देश का अन्नदाता है बल्कि देश की खड़गभुजा भी है। पंजाब के लोग अपनी बहादुरी, मेहनत और उद्यमशीलता के लिए दुनिया भर में जाने जाते हैं। यह महान गुरुओं, संतों और शहीदों की पवित्र भूमि है जिन्होंने हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा दी है।

महिलाओं को राजनीति में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने और समाज में बदलाव लाने के लिए उनकी भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि लड़कियाँ कई क्षेत्रों में पहले ही लड़कों से आगे निकल चुकी हैं, लेकिन राजनीति अभी भी ऐसा क्षेत्र है जहाँ उनकी भागीदारी कम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी से समानता पर आधारित समाज का निर्माण होगा और जमीनी स्तर पर लोकतंत्र मजबूत होगा। उन्होंने महिलाओं से अपने मताधिकार का विवेकपूर्ण उपयोग करने की भी अपील की।

महिला स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देते हुए मुख्यमंत्री ने दुर्गा भाभी, जो शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की सहयोगी थीं, का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि दुर्गा भाभी ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और जब क्रांतिकारियों को आर्थिक सहायता की आवश्यकता थी तब उन्होंने अपने गहने तक बेच दिए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की बेटियों के पास माई भागो, दुर्गा भाभी जैसी अनेक प्रेरणादायक आदर्श हैं और अब समय आ गया है कि वे उनके पदचिन्हों पर चलकर देश की सेवा करें।

उन्होंने बताया कि आपातकालीन सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी के लिए भी ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। पंजाब देश का पहला राज्य होगा जहाँ अग्निशमन सेवाओं में भी लड़कियाँ शामिल होंगी। इसके लिए कुछ शर्तों में ढील देकर उन्हें अवसर प्रदान किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश के विकास में महिलाओं के योगदान को नमन करते हुए कहा कि किसी भी देश या समाज का इतिहास महिलाओं की भूमिका को स्वीकार किए बिना अधूरा है।

उन्होंने कहा कि महान सिख दर्शन महिलाओं को सम्मान, गरिमा और समानता का संदेश देता है। यदि महिलाओं को सही अवसर मिलें तो वे किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ वे राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि महिलाओं को पहले से समान अवसर मिले होते तो विकास की गति और भी तेज हो सकती थी। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब सरकार महिलाओं के लिए समानता, न्याय और स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करती रहेगी ताकि वे राज्य और देश की प्रगति में बराबरी की भागीदार बन सकें।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई महिलाओं को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित भी किया, जिनमें हाल ही में यूपीएससी परीक्षा पास करने वाली युवतियाँ भी शामिल थीं।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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