CM भगवंत मान ने PAU लुधियाना में JICA के सहयोग से Horticulture Knowledge Centre को मंजूरी दी। पहल का लक्ष्य गेहूं-धान फसल चक्र से बाहर निकालकर पंजाब में फसल विविधीकरण बढ़ाना है।
पंजाब की कृषि को पारंपरिक गेहूं-धान फसल चक्र से बाहर निकालकर फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में भगवंत मान सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU), लुधियाना में जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (JICA) के सहयोग से Horticulture Knowledge Centre स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। सरकार के मुताबिक, यह केंद्र राज्य में बागवानी आधारित खेती को प्रोत्साहित करने और किसानों को आधुनिक तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
गेहूं-धान के फसल चक्र से बाहर निकलने पर जोर
पंजाब की कृषि लंबे समय से गेहूं और धान की खेती पर काफी निर्भर रही है। सरकार अब किसानों को अधिक मूल्य वाली वैकल्पिक फसलों और बागवानी की ओर आकर्षित करने पर जोर दे रही है। इसका उद्देश्य खेती के पारंपरिक पैटर्न में बदलाव के साथ-साथ किसानों की आय के नए स्रोत तैयार करना और प्राकृतिक संसाधनों पर दबाव कम करना है।
भगवंत मान सरकार की इस पहल के तहत फल, सब्जियां, मसाले, सुगंधित पौधे और फूलों जैसी बागवानी फसलों को बढ़ावा देने की योजना है। इसके साथ ही मधुमक्खी पालन और मशरूम उत्पादन जैसी गतिविधियों को भी कृषि विविधीकरण से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
PAU लुधियाना में बनेगा Horticulture Knowledge Centre
Horticulture Knowledge Centre को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना में स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को बागवानी क्षेत्र से जुड़ी आधुनिक तकनीक, शोध और प्रशिक्षण संबंधी सहायता उपलब्ध कराना है।
केंद्र के माध्यम से बेहतर खेती तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने, क्षमता निर्माण और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे किसानों को खेती के नए विकल्प अपनाने में वैज्ञानिक और संस्थागत सहायता मिलने की उम्मीद है।
JICA के सहयोग से आगे बढ़ेगी परियोजना
ਪੰਜਾਬ ਦੀ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਨੂੰ ਕਣਕ-ਝੋਨੇ ਦੇ ਫ਼ਸਲੀ ਚੱਕਰ ‘ਚੋਂ ਕੱਢਣ ਅਤੇ ਫ਼ਸਲੀ ਵਿਭਿੰਨਤਾ ਨੂੰ ਹੁਲਾਰਾ ਦੇਣ ਲਈ ਇੱਕ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਕਦਮ ਚੁੱਕਦੇ ਹੋਏ CM @BhagwantMann ਦੀ ਅਗਵਾਈ ਹੇਠ, ਜਾਪਾਨ ਦੀ ਸੰਸਥਾ JICA ਦੇ ਸਹਿਯੋਗ ਨਾਲ ਪੰਜਾਬ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਯੂਨੀਵਰਸਿਟੀ ਲੁਧਿਆਣਾ ਵਿਖੇ ਬਾਗ਼ਬਾਨੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਕੇਂਦਰ (Horticulture Knowledge Centre)… pic.twitter.com/WgNUf7Oo6G
— AAP Punjab (@AAPPunjab) September 2, 2026
इस पहल में जापान की JICA यानी Japan International Cooperation Agency का सहयोग महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह पहल करीब ₹1,300 करोड़ की व्यापक परियोजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पंजाब में बागवानी क्षेत्र को मजबूत करना और फसल विविधीकरण को गति देना है।
परियोजना के तहत मशीनरी, बुनियादी ढांचे, बीज, मार्केटिंग और कृषि अनुसंधान सहित कई क्षेत्रों में निवेश का प्रावधान है। सरकार का लक्ष्य बागवानी की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करना है, ताकि किसान उत्पादन से लेकर बाजार तक बेहतर अवसर हासिल कर सकें।
2036 तक बागवानी क्षेत्र बढ़ाने का लक्ष्य
सरकार ने पंजाब में बागवानी के क्षेत्र को बड़े स्तर पर बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में फिलहाल करीब 5.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र बागवानी के तहत है और इसे वर्ष 2036 तक 16 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस विस्तार का उद्देश्य केवल बागवानी का रकबा बढ़ाना नहीं है, बल्कि किसानों को उच्च मूल्य वाली फसलों की ओर स्थानांतरित करके उनकी आय बढ़ाने के अवसर पैदा करना भी है। सरकार के अनुसार, इससे खेती में विविधता आने के साथ टिकाऊ कृषि पद्धतियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
उत्पादन से बाजार तक मजबूत होगी वैल्यू चेन
Horticulture Knowledge Centre के साथ परियोजना का एक प्रमुख फोकस बागवानी की पूरी वैल्यू चेन को मजबूत करना है। इसमें गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री और नर्सरी से लेकर खेती, फसल कटाई के बाद प्रबंधन, भंडारण, मार्केटिंग और बाजार तक पहुंच शामिल है।
फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करना और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना भी इस पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके अलावा तकनीकी विस्तार सेवाओं को मजबूत करने और किसानों को नई तकनीकों की जानकारी देने पर भी जोर रहेगा।
किसानों की आय बढ़ाने और खेती को टिकाऊ बनाने की कोशिश
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस पहल को किसानों की आय बढ़ाने और पंजाब की कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने से जोड़ा है। बागवानी जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों को बढ़ावा मिलने से किसानों को गेहूं-धान के अलावा नए विकल्प मिल सकते हैं।
इसके साथ ही सरकार का फोकस ऐसी कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर है, जिनसे मिट्टी की सेहत बेहतर हो और पानी का संरक्षण किया जा सके। इस तरह फसल विविधीकरण को किसानों की आर्थिक मजबूती के साथ-साथ पर्यावरणीय जरूरतों से भी जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
पंजाब की कृषि में बदलाव की दिशा में अहम कदम
PAU लुधियाना में Horticulture Knowledge Centre की स्थापना को पंजाब की कृषि व्यवस्था में विविधता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। केंद्र के जरिए शोध, तकनीकी ज्ञान, प्रशिक्षण और आधुनिक बागवानी पद्धतियों को किसानों तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
भगवंत मान सरकार का लक्ष्य बागवानी क्षेत्र को मजबूत करके किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर पैदा करना और पंजाब की कृषि को पारंपरिक गेहूं-धान आधारित व्यवस्था से अधिक विविध एवं टिकाऊ मॉडल की ओर ले जाना है। JICA के सहयोग और PAU जैसे कृषि अनुसंधान संस्थान की भूमिका के साथ यह पहल आने वाले वर्षों में पंजाब के कृषि क्षेत्र में नए बदलाव की आधारशिला बन सकती है।