मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट 2026 पर 7 सदस्यीय समिति के साथ बैठक की। अकाल तख्त की आपत्तियों पर चर्चा के बाद संवाद से समाधान की बात कही।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट, 2026’ को लेकर गठित सात सदस्यीय तालमेल समिति के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। चंडीगढ़ में हुई इस बैठक में एक्ट से जुड़े विभिन्न प्रावधानों, इसके क्रियान्वयन और श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से उठाई गई आपत्तियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
अकाल तख्त की आपत्तियों पर मंथन
बैठक में मुख्य रूप से उन मुद्दों पर चर्चा हुई, जिन्हें श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से एक्ट को लेकर उठाया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि इन मुद्दों पर जल्द ही श्री अकाल तख्त साहिब से संपर्क कर बातचीत के जरिए समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जाएगा।
रिपोर्टों के अनुसार, श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से कानून की कुछ धाराओं और शब्दावली में बदलाव का सुझाव दिया गया है। इनमें गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्र स्वरूपों की देखरेख से संबंधित प्रावधान भी शामिल हैं।
‘सभी फैसले अकाल तख्त के सम्मान और संगत की भावनाओं को ध्यान में रखकर’
ਜਾਗਤ ਜੋਤ ਗੁਰੂ ਗ੍ਰੰਥ ਸਾਹਿਬ ਸਤਿਕਾਰ (ਸੋਧ) ਐਕਟ 2026 ਸੰਬੰਧੀ ਬਣਾਈ 7 ਮੈਂਬਰੀ ਤਾਲਮੇਲ ਕਮੇਟੀ ਨਾਲ਼, CM ਭਗਵੰਤ ਮਾਨ ਨੇ ਅੱਜ ਚੰਡੀਗੜ੍ਹ ਵਿਖੇ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਬੈਠਕ ਕੀਤੀ। ਬੈਠਕ ਦੌਰਾਨ ਇਸ ਐਕਟ ਬਾਰੇ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ ਵੱਲੋਂ ਜਤਾਏ ਗਏ ਇਤਰਾਜ਼ਾਂ ਬਾਰੇ ਵਿਸਥਾਰ ‘ਚ ਚਰਚਾ ਹੋਈ ਅਤੇ ਬਹੁਤ ਜਲਦ, ਇਸ ਸੰਬੰਧੀ ਸ੍ਰੀ ਅਕਾਲ ਤਖ਼ਤ ਸਾਹਿਬ… pic.twitter.com/h28uEzIYbd
— AAP Punjab (@AAPPunjab) September 27, 2026
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सभी के लिए सर्वोच्च सम्मान का केंद्र है। उन्होंने कहा कि सरकार इस पूरे विषय पर निर्णय लेते समय श्री अकाल तख्त साहिब के सम्मान और संगत की भावनाओं को ध्यान में रखेगी।
मान के अनुसार, सरकार का उद्देश्य गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता और सम्मान की रक्षा के लिए प्रभावी कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्होंने समिति को संबंधित पक्षों के साथ संवाद और समन्वय के जरिए आगे बढ़ने की दिशा में काम करने को कहा।
सात सदस्यीय समिति में कौन-कौन शामिल?
पंजाब सरकार ने श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से दिए गए निर्देशों के बाद एक्ट से जुड़े मामलों में समन्वय के लिए सात सदस्यीय समिति गठित की थी। समिति में पूर्व अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह, दमदमी टकसाल प्रमुख संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा, संत बाबा सेवा सिंह रामपुर खेड़ा, सेवानिवृत्त न्यायाधीश जसपाल सिंह, सेवानिवृत्त न्यायाधीश गुरबीर सिंह, पूर्व IPS अधिकारी एवं पूर्व पंजाब लोक सेवा आयोग अध्यक्ष जतिंदर सिंह औलख और कानून अधिकारी प्रीत इंदर पाल सिंह शामिल हैं।
इस समिति का उद्देश्य श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा गठित पैनल के साथ लगातार समन्वय बनाए रखना और एक्ट से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर सरकार को सुझाव व रिपोर्ट देना है।
एक्ट में बदलाव और आगे की प्रक्रिया
‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट, 2026’ को गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी से जुड़े मामलों में कानूनी प्रावधानों को मजबूत करने के उद्देश्य से पारित किया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, कानून में कड़ी सजा और जुर्माने से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं। वहीं, श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से कानून की कुछ धाराओं में संशोधन के सुझाव दिए गए हैं।
अब सरकार और श्री अकाल तख्त साहिब से जुड़े पैनल के बीच संवाद के बाद प्रस्तावित बदलावों पर आगे की प्रक्रिया तय होने की संभावना है। मुख्यमंत्री मान ने कहा है कि इस मामले में संबंधित पक्षों से बातचीत कर मुद्दों को समाधान तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
संगत की भावनाओं को ध्यान में रखने की बात
बैठक के दौरान गुरु ग्रंथ साहिब जी की पवित्रता और सम्मान से जुड़े विषय को प्रमुखता दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून से जुड़े निर्णय लेते समय संगत की भावनाओं और श्री अकाल तख्त साहिब के सम्मान को ध्यान में रखा जाएगा।
अब निगाहें सरकार और श्री अकाल तख्त साहिब के बीच होने वाली आगामी बातचीत पर हैं। इसी संवाद के आधार पर एक्ट में प्रस्तावित संशोधनों और आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।