पंचकूला को ग्रीन और सुव्यवस्थित सिटी बनाने की कवायद तेज, PMDA CEO के.एम. पांडुरंग ने किया निरीक्षण

पंचकूला को ग्रीन और सुव्यवस्थित सिटी बनाने की कवायद तेज, PMDA CEO के.एम. पांडुरंग ने किया निरीक्षण

 

PMDA CEO के.एम. पांडुरंग ने पंचकूला के कई सेक्टरों में ग्रीन बेल्ट, पैदल पथ और प्रमुख जंक्शनों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को विकास के निर्देश दिए।

शहर को अधिक सुव्यवस्थित, हरित और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (PMDA) ने विकास कार्यों को गति दी है। इसी क्रम में PMDA के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के.एम. पांडुरंग ने शहर के विभिन्न सेक्टरों का दौरा कर ग्रीन बेल्ट, पैदल पथ और प्रमुख जंक्शनों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए।

कई सेक्टरों की ग्रीन बेल्ट का लिया जायजा

के.एम. पांडुरंग ने सेक्टर-1, 3, 21, 4, 2, 6 और 7 की ग्रीन बेल्ट का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ इन क्षेत्रों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की और सभी सेक्टरों की ग्रीन बेल्ट के विकास के लिए व्यापक योजना तैयार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि ग्रीन बेल्ट केवल हरियाली तक सीमित न रहें, बल्कि जरूरत के अनुसार बैठने की जगह और अन्य नागरिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही विकास कार्यों के दौरान मौजूदा पेड़ों और वनस्पतियों को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया।

पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए सुविधाओं पर जोर

PMDA CEO ने ग्रीन बेल्ट के आसपास पैदल पथ और साइकिल ट्रैक विकसित करने की संभावनाओं पर भी अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने रास्तों की चौड़ाई, प्रवेश बिंदुओं और आसपास के क्षेत्रों से उनकी कनेक्टिविटी जैसे पहलुओं को ध्यान में रखते हुए योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए।

इसका उद्देश्य पैदल चलने वाले लोगों और साइकिल चालकों के लिए आवाजाही को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाना है। PMDA की योजना में प्रमुख जंक्शनों और ग्रीन बेल्ट के आसपास ऐसी सुविधाओं को विकसित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

प्रमुख जंक्शनों और ट्रैफिक व्यवस्था की समीक्षा

के.एम. पांडुरंग ने माता मनसा देवी सिंह द्वार के आसपास के क्षेत्र और कई टी-जंक्शनों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यातायात प्रवाह, सड़क सुरक्षा, पैदल यात्रियों की आवाजाही और सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों की समीक्षा की।

अधिकारियों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार जंक्शनों के सुधार की योजना तैयार करने को कहा गया, ताकि वाहनों की आवाजाही के साथ पैदल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा का भी ध्यान रखा जा सके।

हरित क्षेत्र और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की तैयारी

PMDA की ओर से पंचकूला के विभिन्न सेक्टरों में ग्रीन बेल्ट, पार्क, पौधारोपण और लैंडस्केपिंग को बेहतर बनाने पर भी काम किया जा रहा है। राज्य सरकार ने भी पंचकूला के शहरी विकास में पर्यावरण और हरित क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की बात कही है। वित्त वर्ष 2026-27 में PMDA के माध्यम से पंचकूला के विकास के लिए 829.23 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिसमें शहरी पर्यावरण से जुड़े कार्यों के लिए 41.83 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

स्थानीय जरूरतों के आधार पर बनेंगी विकास योजनाएं

PMDA CEO ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक सेक्टर और जंक्शन की स्थानीय परिस्थितियों का अध्ययन कर विकास योजनाएं तैयार की जाएं। योजनाओं में नागरिकों के उपयोग, गुणवत्ता और लंबे समय तक रखरखाव को ध्यान में रखने पर जोर दिया गया है।

पंचकूला में ग्रीन बेल्ट, पैदल पथ, साइकिल ट्रैक और प्रमुख जंक्शनों के विकास की यह कवायद शहर में बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और शहरी ढांचे को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में PMDA की योजना का हिस्सा है।

Related posts

लुधियाना में हनुमान कथा में पहुंचे नायब सिंह सैनी, बोले- भक्ति, सेवा और साहस के प्रतीक हैं हनुमान जी

गुरुग्राम में नायब सिंह सैनी ने सुनी ‘मन की बात’, PM मोदी के 138वें एपिसोड से जुड़े

नशा मुक्त हरियाणा नमो मैराथन में उमड़ा जनसैलाब, नायब सिंह सैनी ने सूरजकुंड से दिखाई हरी झंडी

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Read More