पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जनगणना और लोकसभा सीटों के पुनर्निर्धारण को लेकर कहा कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष होनी चाहिए और किसी भी राजनीतिक लाभ के आधार पर नहीं होनी चाहिए।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जनगणना और उसके आधार पर लोकसभा सीटों के संभावित पुनर्निर्धारण को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह पूरा विषय किसी भी तरह के राजनीतिक लाभ या वोट आधारित रणनीति से प्रभावित नहीं होना चाहिए।
भगवंत मान के अनुसार, जनसंख्या के आधार पर लोकसभा सीटों का बंटवारा किया जाता है तो इसके लिए पूरे देश में एक समान और पारदर्शी मानदंड अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए और न ही किसी विशेष राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों में बदलाव किया जाना चाहिए।
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— AAP Punjab (@AAPPunjab) April 16, 2026
मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि यदि महिला आरक्षण को गंभीरता से लागू करना है, तो इसे सभी 543 लोकसभा सीटों पर एक साथ लागू किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में बराबरी देने के लिए किसी भी तरह की चरणबद्ध या चयनात्मक प्रक्रिया नहीं होनी चाहिए।
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उन्होंने आगे कहा कि भारत का संघीय ढांचा देश की ताकत है और इसे किसी भी राजनीतिक प्रयोग का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। लोकसभा सीटों के पुनर्वितरण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर केवल राष्ट्रीय स्तर के समान नियम ही लागू होने चाहिए।
भगवंत मान ने यह भी जोर दिया कि लोकतांत्रिक सुधारों को राजनीतिक गणनाओं से दूर रखना चाहिए। जनगणना और सीटों के पुनर्निर्धारण जैसे फैसले पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और समानता के आधार पर लिए जाने चाहिए।