पंजाब धमाकों पर भगवंत मान का बड़ा आरोप: ‘भाजपा चुनाव जीतने के लिए फैला रही है डर’, बेअदबी कानून को बताया वजह

पंजाब धमाकों पर भगवंत मान का बड़ा आरोप: 'भाजपा चुनाव जीतने के लिए फैला रही है डर', बेअदबी कानून को बताया वजह

“पंजाब में हुए तीन धमाकों के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इन घटनाओं को चुनावों से पहले भाजपा की ‘विभाजनकारी राजनीति’ और डर फैलाने की साजिश करार दिया है।”

पंजाब में धमाकों पर सियासी घमासान: सीएम भगवंत मान का बीजेपी पर सीधा हमला, बताया ‘चुनावी साजिश’

पंजाब में एक हफ्ते के भीतर हुए तीन धमाकों ने राज्य के राजनीतिक पारे को चरम पर पहुँचा दिया है। इन घटनाओं के बाद जहाँ भाजपा और कांग्रेस ने कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान को आड़े हाथों लिया है, वहीं मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए इन घटनाओं के पीछे भारतीय जनता पार्टी का हाथ होने का गंभीर आरोप लगाया है। श्री आनंदपुर साहिब से ‘शुकराना यात्रा’ की शुरुआत करते हुए मान ने कहा कि ये धमाके पंजाब की शांति भंग करने और चुनावों से पहले डर का माहौल पैदा करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हैं।

भाजपा की ‘चुनावी रणनीति’ पर मुख्यमंत्री का प्रहार

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो कुछ भी पंजाब में हो रहा है, वह भाजपा की कार्यशैली को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनावों से पहले लोगों में डर पैदा करने और ध्रुवीकरण करने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाती है। मान के अनुसार, “भाजपा एक विभाजनकारी ताकत है, जिसने अन्य राज्यों में चुनाव निपटने के बाद अब अपना ध्यान पंजाब की ओर मोड़ दिया है।” उन्होंने दावा किया कि ये विस्फोट आगामी चुनावों के लिए भाजपा की ‘तैयारियों’ से जुड़े हुए हैं ताकि मतदाताओं को प्रभावित किया जा सके।

सांप्रदायिक सद्भाव और ‘काले दौर’ की चेतावनी

पंजाब के पुराने जख्मों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि राज्य की सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “पंजाब पहले ही इतिहास का एक काला दौर देख चुका है, जिसके जख्म आज भी ताजा हैं। ऐसी हरकतों से बचना चाहिए।” मान ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा बेअदबी के खिलाफ बनाए गए सख्त कानूनों से खुश नहीं है, क्योंकि ये कानून समुदायों के बीच तनाव भड़काने की उनकी कोशिशों पर लगाम लगाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब एक शांतिप्रिय राज्य है जहाँ लोग ‘सरबत दा भला’ (सबका भला) में विश्वास रखते हैं।

विपक्ष की घेराबंदी और गहराता राजनीतिक संकट

इससे पहले, भाजपा और कांग्रेस दोनों ने राज्य सरकार पर विफल होने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की थी। विपक्ष का कहना है कि सरकार सुरक्षा के मोर्चे पर पूरी तरह नाकाम रही है। हालांकि, भाजपा ने अभी तक मुख्यमंत्री के इन ताजा आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच बढ़ती बयानबाजी ने पंजाब में एक बड़े राजनीतिक टकराव के संकेत दे दिए हैं। सुरक्षा चिंताओं के बीच सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच का यह ‘वाकयुद्ध’ आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।

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