मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लुधियाना के हैबोवाल में 65 करोड़ रुपये के CBG प्लांट का नींव पत्थर रखा। प्लांट रोजाना 300 टन गोबर से 5 टन गैस बनाएगा।
पंजाब सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और लुधियाना के बुड्ढा दरिया की सफाई को लेकर एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लुधियाना के हैबोवाल में 65 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाले कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) प्लांट का नींव पत्थर रखा। सरकार का दावा है कि यह प्लांट डेयरी से निकलने वाले गोबर के उचित निपटारे के साथ-साथ बुड्ढा दरिया को प्रदूषण से बचाने में भी मदद करेगा।
रोजाना 300 टन गोबर का होगा निपटारा
हैबोवाल में स्थापित होने वाला यह CBG प्लांट प्रतिदिन करीब 300 टन गोबर का निपटारा करेगा। इस गोबर से रोजाना लगभग 5 टन गैस का उत्पादन किए जाने की योजना है। इससे एक तरफ डेयरी मालिकों के सामने गोबर के निपटारे की समस्या कम होगी, वहीं दूसरी तरफ जैविक कचरे का उपयोग ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के मुताबिक, पंजाब सरकार का उद्देश्य कचरे को समस्या के बजाय संसाधन के रूप में इस्तेमाल करना है। CBG प्लांट इसी दिशा में उठाया गया कदम है, जहां पशुओं से निकलने वाले गोबर को वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस करके उपयोगी गैस में बदला जाएगा।
बुड्ढा दरिया की सफाई में मिलेगी मदद
लुधियाना का बुड्ढा दरिया लंबे समय से प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है। औद्योगिक गतिविधियों और शहर के विभिन्न हिस्सों से आने वाले प्रदूषित पानी के कारण यह नदी पर्यावरण से जुड़ी बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसके कायाकल्प और सफाई के लिए पंजाब सरकार की ओर से अलग-अलग परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।
हैबोवाल में CBG प्लांट शुरू होने के बाद डेयरी से निकलने वाले गोबर के उचित प्रबंधन में मदद मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि गोबर को खुले में फेंकने या जल स्रोतों के आसपास जमा करने के बजाय प्लांट में प्रोसेस किए जाने से स्थानीय पर्यावरण पर दबाव कम होगा।
डेयरी मालिकों को भी होगा फायदा
ਵਾਤਾਵਰਨ ਦੀ ਸੰਭਾਲ ਅਤੇ ਬੁੱਢੇ ਦਰਿਆ ਦੀ ਸਫ਼ਾਈ ਲਈ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਸਥਾਪਿਤ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ CBG ਪਲਾਂਟ!
CM @BhagwantMann ਨੇ ਅੱਜ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਹੈਬੋਵਾਲ ਵਿਖੇ, ₹65 ਕਰੋੜ ਦੀ ਲਾਗਤ ਨਾਲ਼ ਸਥਾਪਿਤ ਹੋਣ ਵਾਲ਼ੇ ਕੰਪਰੈੱਸਡ ਬਾਇਓ-ਗੈਸ (CBG) ਪਲਾਂਟ ਦਾ ਨੀਂਹ ਪੱਥਰ ਰੱਖਿਆ। ਇਹ ਪਲਾਂਟ ਰੋਜ਼ਾਨਾ 300 ਟਨ ਗੋਹੇ ਦਾ ਨਿਪਟਾਰਾ ਕਰੇਗਾ ਜਿਸ ਰਾਹੀਂ… pic.twitter.com/5LE8gumb3W
— AAP Punjab (@AAPPunjab) August 14, 2026
लुधियाना के हैबोवाल इलाके में बड़ी संख्या में डेयरी इकाइयां हैं। इन डेयरियों से रोजाना बड़ी मात्रा में गोबर निकलता है। इसके निपटारे की उचित व्यवस्था नहीं होने पर यह आसपास के इलाकों में गंदगी और प्रदूषण का कारण बन सकता है।
CBG प्लांट के जरिए इस गोबर को एकत्र कर उसका इस्तेमाल गैस बनाने के लिए किया जाएगा। इससे डेयरी मालिकों को कचरा प्रबंधन का बेहतर विकल्प मिलेगा और गोबर से ऊर्जा उत्पादन की व्यवस्था भी विकसित होगी।
5 टन रोजाना गैस उत्पादन का लक्ष्य
सरकार की योजना के मुताबिक प्लांट में रोजाना 300 टन गोबर को प्रोसेस कर करीब 5 टन CBG का उत्पादन किया जाएगा। कंप्रेस्ड बायो-गैस को स्वच्छ ईंधन के विकल्प के तौर पर देखा जाता है। जैविक कचरे से गैस तैयार करने की ऐसी परियोजनाएं कचरा प्रबंधन और वैकल्पिक ऊर्जा दोनों क्षेत्रों में उपयोगी मानी जाती हैं।
इस परियोजना से पैदा होने वाली गैस का इस्तेमाल विभिन्न ऊर्जा जरूरतों के लिए किया जा सकता है। साथ ही गोबर के प्रोसेसिंग के बाद निकलने वाले जैविक अवशेष का भी कृषि क्षेत्र में उपयोग किए जाने की संभावनाएं रहती हैं।
पर्यावरण संरक्षण पर मान सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में पर्यावरण संरक्षण को लेकर सरकार लगातार काम कर रही है। राज्य में पराली प्रबंधन, स्वच्छ ऊर्जा, कचरा प्रबंधन और जल स्रोतों के संरक्षण जैसे मुद्दों पर सरकार की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं।
हैबोवाल का CBG प्लांट भी इसी व्यापक पर्यावरणीय रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि शहरों में पैदा होने वाले जैविक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा किया जाए और उससे ऊर्जा का उत्पादन किया जाए।
कचरे से ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम
CBG प्लांट की स्थापना से पंजाब में ‘वेस्ट टू एनर्जी’ मॉडल को बढ़ावा मिल सकता है। गोबर जैसे जैविक कचरे को सीधे फेंकने के बजाय उससे गैस का उत्पादन करने से प्रदूषण कम करने के साथ ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत को भी बढ़ावा मिलेगा।
लुधियाना में 65 करोड़ रुपये की इस परियोजना से सरकार को उम्मीद है कि डेयरी कचरे के प्रबंधन और बुड्ढा दरिया की सफाई के प्रयासों को मजबूती मिलेगी। रोजाना 300 टन गोबर के निपटारे और 5 टन गैस उत्पादन की क्षमता वाला यह प्लांट शहर में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।